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Class 10th Hindi Grammar Varn Vichar Subjective and Objective Questions [ हिंदी व्याकरण ] वर्ण विचार सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन
Class 10th Sanskrit Subjective Question Answer Class 10th Subjective Question

Matric Sanskrit Vishvashanti Subjective Questions 2024 [ संस्कृत ] विश्वशांति सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

संस्कृत ( Sanskrit ) विश्वशांति सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Sanskrit संस्कृत का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Sanskrit Short Type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th संस्कृत 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Sanskrit Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Sanskrit Vishvashanti Subjective Questions 2024 [ संस्कृत ] विश्वशांति सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

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1. विश्वशांति के सूर्योदय का पता कैसे चलता है ?
अथवा, विश्वशांति का सूर्योदय कब होता है ?

उत्तर⇒ जब विभिन्न देश संकट की घड़ी में एक-दूसरे की मदद करते हैं, आपदा के समय सहायता राशि और सामग्रियाँ प्रदान करते हैं, तब विश्वशांति का सूर्योदय होता है।

2. ‘ज्ञानं भारः क्रियां बिना’ का अर्थ स्पष्ट करें ।

उत्तर ⇒ यह कर्म – प्रधान संसार है। यदि ज्ञान का समुचित प्रयोग या उसे क्रिया में नहीं उतारा जाता है, तो ज्ञान भारस्वरूप मालूम होता है।

3. राष्ट्रसंघ की स्थापना का उद्देश्य स्पष्ट करें

उत्तर⇒ राष्ट्रसंघ की स्थापना का उद्देश्य विश्व में शांति स्थापित करना है। 4. विद्या व अहिंसा से क्रमश: क्या-क्या प्राप्त होता है ?

5 उत्तर—विद्या से परमतृप्ति की प्राप्ति होती है और अहिंसा सभी प्रकार का सुख देनेवाली है।
आज कौन-कौन से आविष्कार विध्वंसक हैं ?

उत्तर ⇒ आजकल अत्याधुनिक अस्त्र-शस्त्र, आण्विक अस्त्रं, जैविक अस्त्र इत्यादि अनेकों आविष्कार विध्वंसक हैं।

6. असहिष्णुता का कारण निवारण बताएँ ।

उत्तर⇒ परस्पर द्वेष की भावना असहिष्णुता को जन्म देती है। इससे आपसी वैर उत्पन्न होती है। स्वार्थ वैर को बढ़ाता है और असहिष्णुता का विकृत रूप प्रकट होता है। इसके निवारण का एकमात्र उपाय स्वार्थ का त्याग और परमार्थ या परोपकार की भावना का विकास है।

 

Sanskrit Vishvashanti Subjective Question Answer 2024

 

7. महात्मा बुद्ध के अनुसार वैर की शांति कैसे संभव है ?

उत्तर⇒ महात्मा बुद्ध के अनुसार वैर की शांति निवैर, करुणा व मैत्री भाव से ही संभव हो सकती है ।

8. ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा क्यों आवश्यक है ?

उत्तर⇒ वर्तमान विश्व में अशान्ति का वातावरण है । यह सार्वभौमिक समस्या और दुःख का कारण है । इस अशांति का मूल कारण स्वार्थ प्रेरित अहं की भावना है। इसका निराकरण परोपकार की भावना, निर्वैर, करूणा व मैत्री भाव से ही संभव है और यह तभी संभव है जब सम्पूर्ण वसुधा को ही कुटुम्ब का परिवार समझा जाय । अतः वर्त्तमान में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा अत्यन्त आवश्यक है ।

9. विश्व अशान्ति का क्या कारण है ?
अथवा, अशांति के मूल कारण क्या हैं ?

उत्तर⇒ वास्तव में अशांति के दो मूल कारण हैं- द्वेष और असहिष्णुता । एक देश दूसरे देश की उन्नति देख जलते हैं, और इससे असहिष्णुता पैदा होती है । ये दोनों दोष आपसी वैर और अशांति के मूल कारण हैं ।

10. ‘विश्वशान्तिः’ पाठ के आधार पर उदार हृदय पुरुष का लक्षण बतावें 1

उत्तर ⇒’विश्वशान्तिः’ पाठ के अनुसार उदार हृदय पुरुष का लक्षण है कि वह किसी को पराया नहीं समझता, वरण् उसके लिए सारी धरती ही अपनी है।

11. संसार में अशांति कैसे नष्ट हो सकती है ?

उत्तर ⇒ अशांति के मूल कारण हैं – द्वेष और असहिष्णुता । स्वार्थ से यह अशांति बढ़ती है । इस अशांति को वैर से नहीं रोका जा सकता । करुणा और मित्रता से ही वैर नष्ट कर संसार में शांति लाई जा सकती है ।

12. वर्त्तमान में विश्व की स्थिति का वर्णन करें ?

उत्तर⇒ आज संसार के प्रायः सभी देशों में अशान्ति व्याप्त है। किसी देश में अपनी आंतरिक समस्याओं के कारण कलह है तो कहीं बाहरी । एक देश के कलह से दूसरे देश खुश होते हैं। कहीं अनेक राज्यों में परस्पर शीत युद्ध चल रहा है। वस्तुतः इस समय संसार अशान्ति के सागर में डूबता – उतराता नजरा आ रहा है। आज विश्व विनाशक शस्त्रास्त्रों के ढेर पर बैठा है।

13. ‘विश्वशान्ति : ‘ पाठ का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
अथवा, ‘विश्वशान्तिः ‘ पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है ?

उत्तर ⇒ विश्वशान्तिः शब्द का शाब्दिक अर्थ विश्व की शान्ति है । आज सर्वत्र ईर्ष्या, द्वेष, असहिष्णुता, अविश्वास, असंतोष आदि जैसे दुर्गुण विद्यमान हैं । ये दुर्गुण जहाँ विद्यमान हों वहाँ की शान्ति की कल्पना कैसे की जा सकती है? शान्ति भारतीय दर्शन का मूल तत्त्व है । यह शान्ति धर्ममूलक है । धर्मों रक्षति रक्षितः ऐसा प्राचीन संदेश विश्व का अस्तित्व और रक्षा के लिए ही प्रेरित है । इस पाठ का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति, समाज और राष्ट्रों को आपसी द्वेष, असंतोष आदि से दूर कर शान्ति, सहिष्णुता आदि का पाठ पढ़ाना है ।

14. विश्व में शांति कैसे स्थापित हो सकती है ?

उत्तर ⇒ विश्व में शांति का आधार एकमात्र परोपकार है । परोपकार की भावना मानवीय गुण है । संकटकाल में सहयोग की भावना रखना ही लक्ष्य हो तभी हम निर्वैर, सहिष्णुता और परोपकार से शांति स्थापित कर सकते हैं ।

15. ‘विश्वशांति’ पाठ के आधार पर भारतीय दर्शन का मूल तत्त्व बतलाएँ ।

उत्तर⇒भारतीय दर्शन का मूल तत्त्व शांति है। इसमें संदेह नहीं, क्योंकि धर्म का आधार भी शांति ही है । इसी भाव से विश्व की रक्षा तथा कल्याण संभव है, इसलिए हमें जन जागरण द्वारा सहिष्णुता, परोपकार और निर्वैर के महत्त्व पर प्रकाश डालना चाहिए।

 

Sanskrit Vishvashanti Subjective Question Answer pdf hindi

 

16. विश्वशान्तिः पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें ।

उत्तर ⇒ आज विश्वभर में विभिन्न प्रकार के विवाद छिड़े हुए हैं। देशों में आंतरिक और बाह्य अशांति फैली हुई है। सीमा, नदी- जल, धर्म, दल इत्यादि को लेकर लोग स्वार्थप्रेरित होकर असहिष्णु हो गये हैं। इससे अशांति का वातावरण बना हुआ है । इस समस्या को उठाकर इसके निवारण के लिए इस पाठ में वर्तमान स्थिति का निरूपण किया गया है 1

 

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