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Class 10th Hindi Grammar Varn Vichar Subjective and Objective Questions [ हिंदी व्याकरण ] वर्ण विचार सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन
Class 10th Sanskrit Subjective Question Answer Class 10th Subjective Question

Matric Sanskrit Sanskritsahitye Lekhika Subjective Questions 2024 [ संस्कृत ] संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

संस्कृत ( Sanskrit ) संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Sanskrit संस्कृत का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Sanskrit Short Type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th संस्कृत 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Sanskrit Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Sanskrit Sanskritsahitye Lekhika Subjective Questions 2024 [ संस्कृत ] संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

प्रश्न 1. संस्कृत में पण्डिता क्षमाराव के योगदान का वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ संस्कृत साहित्य में आधुनिक समय की लेखिकाओं में पण्डिता क्षमाराव अति प्रसिद्ध हैं। शंकरचरितम् उनकी अनुपम रचना है। गाँधी दर्शन से प्रभावित होकर उन्होंने सत्याग्रहगीता, मीरालहरी, कथामुक्तावली, ग्रामज्योति आदि रचनाएँ की हैं।

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प्रश्न 2. अथर्ववेद में किन पाँच मंत्रदर्शनवती ऋषिकाओं का उल्लेख है ?

उत्तर ⇒ अथर्ववेद में उल्लिखित पाँच मंत्रदर्शनवती ऋषिकाओं के नाम हैं- यमी, अपाला, उर्वशी, इन्द्राणी तथा वागाम्भृणी ।

प्रश्न 3. ‘मधुराविजयम्’ महाकाव्य का वर्ण्य विषय क्या है ?

उत्तर ⇒ ‘मधुराविजयम्’ महाकाव्य में रानी गंगा देवी ने अपने स्वामी की विजय घटना पर आश्रित रचना की।

प्रश्न 4. संस्कृत साहित्य के संवर्धन में विजयनगर राज्य के योगदान का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ संस्कृत साहित्य के संरक्षण-संवर्धन में विजय नगर के राजा-रानी सभी सं न थे। वहाँ ‘मधुराविजयम्’, ‘वरदाम्बिकापरिणय’, ‘ललितापदविन्यास ‘ अद रचे गये ।

प्रश्न 5. विजयाङ्का की विशेषताओं का वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ नीलकमल की पंखुड़ियों की तरह विजयाङ्का अपनी रचना में अद्भुत लेखन कला की आभा बिखेरती है। वह श्यामवर्णा थी, किन्तु उसकी कृतियाँ ज्योतिर्मय थीं। एक असाधारण लेखिका की पराकाष्ठा से प्रभावित होकर ही दण्डी कवि ने उसे ‘सर्वशुक्ला सरस्वती’ कहा है।

प्रश्न 6. आधुनिक काल की किन्हीं तीन संस्कृत लेखिकाओं के नाम लिखें।

उत्तर ⇒ आधुनिक काल की तीन लेखिकाओं के नाम हैं- पुष्पा दीक्षित, वर्णमाला भवालकर और मिथिलेश कुमारी मिश्र ।

प्रश्न 7. विजयाङ्का कौन थी और उनका समय क्या माना जाता है ?

उत्तर ⇒ विजयाङ्का लौकिक संस्कृतसाहित्य की लेखिका थी। इसका समय चालुक्यवंशीय शासन, अर्थात् 8वीं सदी माना जाता |

 

Sanskrit Sanskritsahitye Lekhika Subjective Question Answer 2024

 

प्रश्न 8. विजयाङ्का को ‘सर्वशुक्लासरस्वती’ क्यों कहा गया है ?

उत्तर ⇒ लौकिक संस्कृत साहित्य में विजयाङ्का का योगदान अभूतपूर्व है। सर्वशुक्लासरस्वती विजयाङ्का को कहा गया है। विजयाङ्का की असाधारण पराकाष्ठा से प्रभावित होकर दण्डी ने सर्वशुक्लासरस्वती कहा है। पदों की सौष्ठवता देखने लायक है। विजयाङ्का श्याम वर्ण की थी, परन्तु उसकी कृतियाँ शुक्ल, अर्थात् ज्योतिर्मय थी । विजयाङ्का अपनी रचना में लेखन कला के द्वारा आभा बिखेरती प्रतीत होती है।

प्रश्न 9. तिरुमलाम्बा किसकी रानी थी और उसने किस प्रकार के काव्य की रचना की थी ?

उत्तर ⇒ तिरुमलाम्बा अच्युत राय की पत्नी थी। उसने ‘वरदाम्बिका परिणय’ नामक चम्पूकाव्य की रचना की। उसमें संस्कृत गद्य की समस्त पदावलियाँ ललित पद विन्यास से सुन्दर हैं।

प्रश्न 10. उपनिषद् में नारियों के योगदान का उल्लेख करें ।

उत्तर ⇒ वृहदारण्यकोपनिषद् में याज्ञवल्क्य की पत्नी मैत्रेयी की दार्शनिक रुचि का वर्णन है। जनक की सभा में गार्गी प्रसिद्ध थी ।

प्रश्न 11. संस्कृत साहित्य के संवर्धन में महिलाओं के योगदान का वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ वैदिक काल से महिलाओं ने संस्कृत साहित्य की रचना एवं संरक्षण में काफी योगदान दिया है। ऋग्वेद में चौबीस और अथर्ववेद में पाँच महिलाओं का योगदान है। यमी, अपाला, उर्वशी, इन्द्राणी और वागाम्भृणी मंत्रों की दर्शिकाएँ थीं। गङ्गादेवी, तिरुमलाम्बा, शीला भट्टारिका, देवकुमारिका आदि दक्षिण की महिलाओं ने भी साहित्य की रचना में योगदान दिया है। पंडिता क्षमाराव, पुष्पा दीक्षित, वनमाला मवालकर आदि जैसी अनेक आधुनिक महिलाओं ने भी अपना योगदान दिया है। इस प्रकार, भारत में हमेशा संस्कृत साहित्य में महिलाओं का योगदान रहा है।

प्रश्न 12. विजयनगर राज्य में संस्कृत भाषा की क्या स्थिति थी ? तीन वाक्यों में उत्तर दें।
उत्तर ⇒ विजयनगर में सम्राट् संस्कृत भाषा के संरक्षण के लिए किये गये प्रयास सर्वविदित है। उनके अंतःपुर में भी संस्कृत रचना में निष्णात रानियाँ थीं । महारानी विजयभट्टारिका ने ‘विजयाङ्का’ की रचना की ।

प्रश्न 13. ‘संस्कृतसाहित्ये लेखिका : पाठ में लेखक ने क्या विचार व्यक्त किए हैं ?

उत्तर ⇒ ‘संस्कृतसाहित्ये लेखिका:’ पाठ में लेखक का विचार है कि प्राचीन काल से लेकर आज तक महिलाओं ने संस्कृत साहित्य में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है । दक्षिण भारत की महान साहित्यकार महिलाओं ने भी संस्कृत साहित्य को समृद्ध बनाया ।

प्रश्न 14. ⇒ शास्त्र लेखन एवं रचना-संरक्षण में वैदिककालीन महिलाओं के योगदानों की चर्चा करें ।

उत्तर ⇒ वैदिककाल में शास्त्र – लेखन एवं रचना – संरक्षण में पुरुषों की तरह महिलाओं ने भी काफी योगदान दिया है। ऋग्वेद में चौबीस और अथर्ववेद में पाँच महिलाओं का योगदान है। यमी, अपाला, उर्वशी, इन्द्राणी और वागाम्भृणी वैदिककालीन ऋषिकाएँ भी मंत्रों की दर्शिकाएँ थीं ।

प्रश्न 15. ‘संस्कृतसाहित्ये लेखिका:’ पाठ से हमें क्या संदेश मिलता ?

उत्तर ⇒ इस पाठ के द्वारा संस्कृत साहित्य के विकास में महिलाओं के योगदान के बारे में ज्ञात होता है । वैदिक युग से आधुनिक समय तक ऋषिकाएँ, कवयित्री, लेखिकाएँ संस्कृतसाहित्य के संवर्धन में अतुलनीय सहभागिता प्रदान करती रही हैं । संस्कृत लेखिकाओं की सुदीर्घ परम्परा है । संस्कृत भाषा के उन्नयन एवं पल्लवन में पुरुषों के समतुल्य महिलाएँ भी चलती रही हैं ।

प्रश्न 16. संस्कृतसाहित्य में दक्षिण भारतीय महिलाओं के योगदानों का वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ चालुक्य वंश की महारानी विजयभट्टारिका ने विजयाङ्का की रचना कर लौकिक संस्कृत साहित्य में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया । लगभग चालीस दक्षिण भारतीय महिलाओं ने एक सौ पचास संस्कृत – काव्यों की रचना की है। इन महिलाओं में गंगादेवी, तिरुमलाम्बा, शीलाभट्टारिका, देवकुमारिका, रामभद्राम्बा आदि प्रमुख हैं । इनकी रचनाएँ पद्य में हैं ।

 

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