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Class 10th Hindi Grammar Varn Vichar Subjective and Objective Questions [ हिंदी व्याकरण ] वर्ण विचार सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन
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Matric Sanskrit Nitisloka Subjective Questions 2024 [ संस्कृत ] नीतिश्लोकाः सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

संस्कृत ( Sanskrit ) नीतिश्लोकाः सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Sanskrit संस्कृत का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Sanskrit Short Type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th संस्कृत 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Sanskrit Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Sanskrit Nitisloka Subjective Questions 2024 [ संस्कृत ] नीतिश्लोकाः सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

1. पंडित किसे कहा गया है ? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट करें ।

अथवा, ‘नीतिश्लोका: ‘ पाठ के आधार पर पंडित के कौन-कौन से गुण हैं ?
अथवा, ‘नीतिश्लोकाः’ पाठ के आधार पर निश्चित ही पण्डित कौन कहलाते हैं ?

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उत्तर⇒ महात्मा विदुर ने पण्डित की व्याख्या बड़े ही रोचक ढंग से की है । जिसके कार्य में शीत, उष्ण, भय, प्रेम, समृद्धि अथवा असमृद्धि बाधा नहीं पहुँचाते है वही पंडित है । सभी तत्त्व को जानने वाला, अपने कर्म को योग की तरह जानने वाला और मनुष्य-धर्म निभानेवाला ही पंडित है ।

2. मूर्ख किसे कहा गया है ?

उत्तर⇒ नीतिश्लोकाः ‘ पाठ में महात्मा विदूर ने मूर्ख मनुष्य के तीन लक्षण बतलाए हैं। ऐसा व्यक्ति जो बिना बुलाए आता है तथा बिना पूछे ही अधिक बोलता है। वह अविश्वासी पर भी विश्वास करता है।

3. ‘नीतिश्लोकाः’ पाठ में नरक के कितने द्वार हैं? उसका नाम लिखें।

उत्तर⇒ नरक जाने के तीन रास्ते हैं- काम, क्रोध तथा लोभ । इनसे आत्मा नष्ट हो जाती है। इन तीनों को छोड़ देना चाहिए ।

4. हर परिस्थिति में धर्म की ही रक्षा क्यों करनी चाहिए ?

उत्तर⇒ हर परिस्थिति में धर्म की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि एकमात्र धर्म ही सबसे बड़ा धन है।

5. नीतिश्लोकाः पाठ के आधार पर अधम नर किसे कहा गया है ?

उत्तर⇒ नीतिश्लोकाः पाठ के आधार पर वैसे व्यक्ति जो बिना बताए आ जाते हैं, बिना पूछे बहुत बोलते हैं और अविश्वासियों पर विश्वास करते हैं, अधम कहलाते हैं।

6. वे छः दोष कौन-कौन हैं जो ऐश्वर्य प्राप्ति में अवरोध उत्पन्न करते हैं ?

उत्तर ⇒ आलस्य, निद्रा, तंद्रा, भय, क्रोध, और दीर्घसूत्रता (किसी काम को देरी से करना) ये छ: दोष हैं जो ऐश्वर्य प्राप्ति में अवरोध उत्पन्न करते हैं।

7. ‘नीतिश्लोकाः ‘ पाठ के आधार पर ‘मूढचेतानराधम्’ के लक्षणों को लिखें।

उत्तर⇒जिन व्यक्तियों का स्वाभिमान मरा हुआ होता है, जो बिना बुलाए किसी के यहाँ जाता है, बिना कुछ पूछे बक-बक करता है। जो अविश्वसनीय पर विश्वास करता है ऐसा मूर्ख हृदयवाला मनुष्यों में नीच होता है। अर्थात् ऐसे ही व्यक्ति को ‘नीतिश्लोकाः ‘ पाठ में मूढचेतानराधम कहा गया है ।

8. ‘नीतिश्लोकाः ‘ पाठ से किसी एक श्लोक को साफ-साफ शब्दों में लिखें

उत्तर⇒ षड् दोषाः पुरुषेणेह हातव्या भूतिमिच्छता ।
निद्रा तन्द्रा भयं क्रोधः आलस्यं दीर्घसूत्रता ।।

9’नीतिश्लोकाः पाठ के आधार पर पण्डित के लक्षण क्या हैं ?

उत्तर⇒ धर्म एवं कर्म प्रवचनीय पंडित सर्वत्र नहीं मिलते हैं। जिसके कार्य में शीत, उष्ण, प्रेम, समृद्धि, असमृद्धि बाधा नहीं पहुँचाते हैं वही पंडित है। जीवों के तत्त्वों को जाननेवाला तथा कर्म को जाननेवाला ही पंडित है।

10. अपनी प्रगति चाहनेवाले को क्या करना चाहिए ?

उत्तर⇒ अपनी प्रगति चाहनेवाले को निद्रा, तंद्रा, भय, क्रोध, आलस और देर से काम करने की आदत को त्याग देना चाहिए।

11. छह प्रकार के दोष कौन हैं? पठित पाठ के आधार पर वर्णन करें।

उत्तर⇒ मनुष्य के छः प्रकार के दोष निद्रा, तन्द्रा, भय, क्रोध, आलस्य तथा दीर्घसूत्रता ऐश्वर्य प्राप्ति में बाधक बननेवाले होते हैं।
जो पुरुष ऐश्वर्य चाहते हैं उन्हें इन दोषों को त्याग देना चाहिए। अन्यथा, केवल चाहने से ऐश्वर्य प्राप्त नहीं हो सकता ।

12. नीतिश्लोकाः पाठ के अनुसार कौन-सा तीन वस्तु त्याज्य है ?

उत्तर⇒ नीतिश्लोक पाठ के अनुसार उन्नति की इच्छा रखने वाले मनुष्यों को काम, क्रोध और लोभ त्याग देना चाहिए।

13. नीतिश्लोकाः के आधार पर कैसा बोलनेवाले व्यक्ति कठिनाई से मिलते हैं ?

उत्तर ⇒ सत्य ( कल्याणकारी) एवं अप्रिय बातों को कहनेवाले और सुननेवाले व्यक्ति इस संसार में बड़ी कठिनाई से मिलते हैं, दुर्लभ हैं। नीतिश्लोकाः पाठ में ऐसा कहा गया है।

14. ‘नीतिश्लोकाः ‘ पाठ के आधार पर नराधम के लक्षण लिखें ।

उत्तर⇒ मूर्ख हृदय वाला मनुष्यों में नीच बिना बुलाए हुए प्रवेश करता है, बिना पूछे हुए बहुत बोलता है, अविश्वसनीय व्यक्ति पर विश्वास करता है। ये नराधम के लक्षण हैं।

15. विज्ञान की शिक्षा देनेवाले शास्त्र का परिचय दें ।

उत्तर ⇒ प्राचीन भारत में विज्ञान की विभिन्न शाखाओं की पुस्तकों की रचना हुई । आयुर्वेदशास्त्र में चरक संहिता और सुश्रुत तो शास्त्रकार के नाम से ही प्रसिद्ध हैं। वहीं रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान अंतर्भूत हैं। ज्योतिषशास्त्र में भी खगोल विज्ञान, गणित इत्यादि शास्त्र हैं। आर्यभट्ट की पुस्तक आर्यभट्टीय नाम से विख्यात है। इसी तरह वराहमिहिर की वृहत्संहिता विशाल ग्रंथ है जिसमें अनेक विषयों का समावेश है। वास्तुशास्त्र भी यहाँ व्यापक शास्त्र है । कृषि विज्ञान पराशर के द्वारा रचित हैं।

16. नीच मनुष्य कौन है ? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट करें ।

उत्तर ⇒ जो बिना बुलाये हुए किसी सभा में प्रवेश करता है, बिना पूछे हुए बहुत बोलता है, नहीं विश्वास करने पर भी बहुत विश्वास करता है ऐसा पुरुष ही नीच श्रेणी में आता है ।

17. ‘नीतिश्लोकाः’ पाठ के आधार पर स्त्रियों की क्या विशेषताएँ हैं ?

उत्तर ⇒ स्त्रियाँ घर की लक्ष्मी हैं । ये पूजनीया तथा महाभाग्यशाली हैं । ये पुण्यमयी और घर को प्रकाशित करनेवाली कही गई हैं । अतएव स्त्रियाँ विशेष रूप से रक्षा करने योग्य होती हैं ।

18. ‘नीतिश्लोकाः’ पाठ के आधार पर सुलभ और दुर्लभ कौन हैं

उत्तर ⇒ सदा प्रिय बोलनेवाले, अर्थात् जो अच्छा लगे वही बोलनेवाले मनुष्य सुलभ हैं। अप्रिय और जीवन को सही मार्ग पर ले जानेवाले वचन बोलने वाले तथा सुननेवाले मनुष्य दोनों ही प्रायः दुर्लभ हैं ।

19. नीतिश्लोकाः पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें ।

उत्तर⇒ इस पाठ में व्यास रचित महाभारत के उद्योग पर्व के अंतर्गत आठ अध्यायों की प्रसिद्ध विदुरनीति से संकलित दस श्लोक हैं । महाभारत युद्ध के आरंभ में धृतराष्ट्र ने अपनी चित्तशान्ति के लिए विदुर से परामर्श किया था । विदुर ने उन्हें स्वार्थपरक नीति त्याग कर राजनीति के शाश्वत पारमार्थिक उपदेश दिये थे। इन्हें ‘विदुरनीति’ कहते हैं। इन श्लोकों में विदुर के अमूल्य उपदेश भरे हुए हैं।

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