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Matric Sanskrit Mandakinivarnanam Subjective Questions 2024 [ संस्कृत ] मन्दाकिनीवर्णनम् सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

संस्कृत ( Sanskrit ) मन्दाकिनीवर्णनम् सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Sanskrit संस्कृत का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Sanskrit Short Type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th संस्कृत 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Sanskrit Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Sanskrit Mandakinivarnanam Subjective Questions 2024 [ संस्कृत ] मन्दाकिनीवर्णनम् सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

1. नदियाँ समुद्र में कैसे मिलती हैं?

उत्तर⇒ सभी नदियाँ अपने नाम और रूप को त्यागकर समुद्र में जा मिलती हैं।

2. मंदाकिनी का कैसा जल श्रीरामचन्द्रजी के मन को आकर्षित कर रहा है?

उत्तर⇒ मंदाकिनी के कलकल – छलछल बहते, काश पुष्प से सुशोभित, विचित्र पुलिन और छटा तथा ऋषियों, पशु-पक्षियों से सुसंगत जल ने राम को आकर्षित कर लिया।

3. ‘मंदाकिनीवर्णनम्’ पाठ में श्रीरामचन्द्रजी ने सीता जी को किन-किन सम्बोधनों से सम्बोधित किया है?

उत्तर⇒ ‘परमपावनी गंगा’ की सुन्दरता का निरीक्षण करने के लिए राम सीता को कई रूपों में संबोधन करते हैं; हे प्रिये। विशालाक्षि शोभने। आदि संबोधन से संबोधित करते हैं।
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4. अति संक्षेप में मंदाकिनी नदी का वर्णन करें।

 

उत्तर⇒ वाल्मीकीय रामायण के अयोध्याकाण्ड की सर्ग संख्या-95 से संकलित इस पाठ में चित्रकूट के निकट बहने वाली मंदाकिनी नामक छोटी नदी का वर्णन है। इस पाठ में आदिकवि वाल्मीकि की काव्यशैली तथा वर्णन क्षमता अभिव्यक्त हुई है। वनवास काल में जब राम सीता और लक्ष्मण के साथ चित्रकूट जाते हैं तब मंदाकिनी की प्राकृतिक सुषमा से प्रभावित हो जाते हैं । वे सीता से कहते हैं कि यह नदी प्राकृतिक उपादानों से संवलित चित्त को आकर्षित कर रही है। रंग-बिरंगी छटा वाली यह, हंसों द्वारा सुशोभित है । ऋषिगण इसके निर्मल जल में स्नान कर रहे हैं। ऊँची कछारों वाली यह नदी अत्यन्त रमणीय लगती है। श्रीराम सीता को मंदाकिनी का वर्णन सुनाते हैं ।

5. पर्वत नाचता हुआ क्यों प्रतीत हो रहा है ?

उत्तर⇒ मंदाकिनी नदी चारों ओर फैले हुए फूलों, पत्तियों तथा पौधों से सेवित है । जब तेज हवाएँ इन्हें उड़ाती हैं, तो पर्वतों की चोटियाँ ऊपर उड़ती हुई और नृत्य करती हुई प्रतीत होती हैं। इससे इस नदी की शोभा अतिसुन्दर और आकर्षक हो जाती है।

6. श्रीराम के प्रकृति सौंदर्य बोध पर अपने विचार लिखें ।

उत्तर⇒श्रीराम वनगमन के दौरान चित्रकूट में कुछ दिन निवास करते हैं। इन्होंने गंगा और उसके आसपास का मनोहारी चित्रण किया है। इन पंक्तियों से उनका प्रकृति के प्रति लगाव व सौन्दर्यबोध परिलक्षित होता है। वे कहते हैं परमपावन गंगा अनायास मन को आकर्षित करती है। निर्मल जल, रंग-बिरंगी छँटा, ऊँची कछारें, वनस्पतियों से पूर्ण तट इन्हें आह्लादित करती है। इसकी शोभा से वशीभूत होकर उसमें खो जाते हैं।

7. गंगा तट पर कौन-सा रमणीय दृश्य श्रीराम के मन में रति उत्पन्न कर रहा है ?

उत्तर⇒ मंदाकिनी के तट की प्राकृतिक सुषमा श्रीराम के मन में रति उत्पन्न कर रहा है। वे सीता से कहते हैं कि यह नदी प्राकृतिक उपादानों से संकलित चित्त को आकर्षित कर रही है।

 

Sanskrit Mandakinivarnanam Subjective Question Answer 2024

 

8. किस कारण से मंदाकिनी का जल कलुषित हो गया है ?

उत्तर⇒ पशु समूहों द्वारा पीये जाने से मंदाकिनी का जल कलुषित हो गया है।

9. स्त्रियों की विशेष रक्षा क्यों करनी चाहिए ?

उत्तर⇒स्त्रियाँ घर की लक्ष्मी है ये पूजनीया तथा महाभाग्यशाली है। ये पुण्यमयी और घर को प्रकाशित करने वाली कहीं गयी है। अतः स्त्रियाँ विशेष रूप से रक्षा करने योग्य होती हैं।

10. मंदाकिनीवर्णनम् से हमें क्या संदेश मिलता है ?

उत्तर⇒ मंदाकिनीवर्णनम् महर्षि वाल्मिकीकृत रामायण के अयोध्याकांड के 95 सर्ग से संकलित है। इससे हमें यह संदेश मिलता है कि प्रकृति हमारे चित्त को हर लेती है तथा इससे पर्यावरण सुरक्षित रहता है। प्रकृति की शुद्धता के प्रति हमें हमेशा ध्यान देना चाहिए।

11. मनुष्य को प्रकृति से क्यों लगाव रखना चाहिए ?

उत्तर⇒ प्रकृति ही मनुष्य को पालती है, अतएव प्रकृति को शुद्ध होना चाहिए । यहाँ महर्षि वाल्मीकि प्रकृति के यथार्थ रूप का वर्णन करके मनुष्य को लगाव रखने का संदेश देते हैं। इससे हमारा जीवन सुखमय एवं आनंदमय होगा ।

 

 

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