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Matric Physics Prakash Paravartan Tatha Apavartan Subjective Questions 2024 [ भौतिक ] प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन सब्जेक्टिव क्वेश्चन
Class 10th Physics Subjective Question Answer 2024 Class 10th Subjective Question

Matric Physics Prakash Paravartan Tatha Apavartan Subjective Questions 2024 [ भौतिक ] प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन सब्जेक्टिव क्वेश्चन

भौतिक (Physics) प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Physics भौतिक का महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्त सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Physics Long type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th भौतिक 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Physics Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Physics Prakash Paravartan Tatha Apavartan Subjective Questions 2024 [ भौतिक ] प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन सब्जेक्टिव क्वेश्चन

प्रश्न 1. एक अवतल दर्पण में सिद्ध करें कि 1/v+1/u = 1/f

उत्तर ⇒ वस्तु की दर्पण से दूरी ( u ) प्रतिबिंब से दूरी ( v )  फोकस दूरी ( f ) के पारस्परिक संबंध को दर्पण सूत्र कहते हैं । वस्तु को सदा मुख्य अक्ष पर माना जाता है और दर्पण एपर्चर ( aperture) को बहुत छोटा स्वीकार किया जाता है

(1) अवतल दर्पण जब वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है ।

जब मुख्य अक्ष पर वस्तु O पर हो तो उससे प्रकाश की किरण OA अवतल दर्पण से टकराती है और A से परावर्तित होती है । इससे वास्तविक प्रतिबिंब बनता है ।

∠i = ∠r

∵ AC , ∠OAI का आंतरिक समद्विभाजन करती हैं


 

प्रश्न 2. उत्तल लेंस की फोकस दूरी निकालने की एक विधि का वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ एक उत्तल लेंस को लेकर उसे सूर्य की ओर करके रखते हैं। एक कागज के टुकड़े को लेकर उसे लेंस के समीप इस प्रकार से रखते हैं कि लेंस कागज तथा सूर्य के बीच हो । लेंस को अब धीरे-धीरे कागज से दूर हटाते हैं। लेंस की एक विशेष स्थिति पर कागज पर एक चमकीला, तीक्ष्ण बिन्दु दिखाई पड़ता है। यह चमकीला, तीक्ष्ण बिन्दु कागज पर बना सूर्य का प्रतिबिंब है । इस स्थिति में कागज तथा लेंस के बीच की दूरी उत्तल लेंस के फोकस – दूरी का मान देता है।


 

प्रश्न 3. निम्न का कारण बताएँ :-

(a) अवतल दर्पण का उपयोग हजामती दर्पण के रूप में क्यों किया जाता है ?

उत्तर ⇒ चेहरे को अवतल दर्पण के फोकस के भीतर रखने पर सीधा, काल्पनिक एवं बड़ा प्रतिबिम्ब बनता है। ऐसी परिस्थिति में छोटी-छोटी दाढ़ी लम्बी मालूम पड़ती है। दाढ़ी बनाने में इस दर्पण के उपयोग से दाढ़ी नहीं छूटती है । यही कारण है कि दाढ़ी बनाने में अवतल दर्पण का उपयोग किया जाता है ।

(b) उत्तल दर्पण का उपयोग साइड मिरर के रूप में क्यों किया जाता है ?

उत्तर ⇒ उत्तल दर्पण का उपयोग सामान्यतः वाहनों के पश्च- दृश्य दर्पणों के रूप में किया जाता है । ये दर्पण वाहन के पार्श्व में लगे होते हैं तथा इनमें ड्राइवर अपने पीछे के वाहनों को देख सकते हैं जिससे वे सुरक्षित रूप से वाहन चला सकते हैं ।

(c) अवतल दर्पण का उपयोग सोलर कुकर में क्यों किया जाता है ?

उत्तर ⇒ सौर भट्टियों में सूर्य के प्रकाश को केंद्रित करने के लिए बड़े अवतल दर्पणों का उपयोग किया जाता है ।


 

प्रश्न 4. उत्तल दर्पण में वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी के बीच संबंध स्थापित कीजिए ।

उत्तर ⇒ दो समानांतर किरणें AB और DE उत्तल दर्पण से टकरा कर F पर प्रतिबिंब बनाती है ।

 

∠1 = ∠2 ( प्रकाश का   परावर्तन )

∠1 = ∠4 ( संगत ∠ )

∠2 = ∠3 ( अभिमुख ∠ )


 

प्रश्न 5. अवतल दर्पण में वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी के बीच संबंध स्थापित कीजिए ।

उत्तर ⇒ दो समानांतर किरणें AB और DE अवतल दर्पण से टकरा कर F पर प्रतिबिंब बनाती है ।

अतः ∠1 = ∠2 ( प्रकाश का परावर्तन)

∠1 = ∠3 ( एकांतर∠ )

∴ ∠2 = ∠3 अत:, ∆BFC समद्विबाहु होगी

∴ BF = CF दर्पण छोटा है

∴ BF = PF तथा CF = PF या F मध्य बिंदु है PC का ।

∴ PF = 1/2PC या f = R/2

     


 

 प्रश्न 6. उत्तल लेंस में 1/v-1/u=1/F

उत्तर ⇒

चित्र में एक उत्तल लेंस दिखाया गया है। AB वस्तु को 2/के बाहर रखा गया हैं। इसका वास्तविक छोटा प्रतिबिंब A, B, बनता है।

OB = बिंब की दूरी = u

OB1 = प्रतिबिंब की दूरी = v

OC = लेंस की वक्रता त्रिज्या = r= 2f

MO को मिलाया ।

इसे लेंस सूत्र कहते है


 

प्रश्न 7. उत्तल लेंस द्वारा विभिन्न स्थितियों में रखी वस्तुओं के प्रतिबिंब की स्थिति, आकार और प्रकृति के लिए सारणी बनाइए ।

उत्तर ⇒

   क्रम         संख्या वस्तु की स्थिति प्रतिबिन की  स्थिति प्रतिबिंब की       प्रकृति प्रतिबिंब का   आकार
       1 अनंत पर F पर वास्तविक उल्टा और अत्यधिक छोटा
       2     2F से परे F और 2F के मध्य वास्तविक उल्टा और छोटा
       3 2F पर 2F पर वास्तविक उल्टा और वस्तु के बराबर
       4 2F और F के मध्य 2F से परे  वास्तविक उल्टा और  बड़ा
       5 F पर अनंत पर वास्तविक उल्टा और अत्यधिक बड़ा
       6 F और लेंस के मध्य वस्तु की ओर आभासी सीधा और बड़ा

 

 

प्रश्न 8. उतल दर्पण की सहायता से गोलीय दर्पणों की सहायता से दर्पण सूत्र ज्ञात कीजिए ।

उत्तर ⇒ जब उत्तल दर्पण के सामने 0 पर वस्तु रखी हो तो उसका प्रतिबिंब दर्पण के पीछे बनता है जो आभासी होता है ।

∠i = ∠r                              ( प्रकाश का परावर्तन)   
AC बढ़ाने पर ∠OAI का बाह्य समद्विभाग करता है इसलिए दिशाएँ समानुपाती हैं।


 

प्रश्न 9. जब अनंत से अवतल दर्पण की ओर किसी वस्तु को बढ़ाया जाए तो प्रतिबिंबों की स्थिति और उनकी प्रकृति स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर ⇒ (i) वस्तु P और F के बीच में — जब कोई वस्तु P और F के बीच में हो तो किरण AD मुख्य अक्ष के समानांतर चलकर F से गुजरेगी । एक अन्य किरण E से टकराकर आभासी, सीधा और बड़ा प्रतिबिंब बनाएगी ।

(ii) वस्तु अनंत पर — जब कोई वस्तु अनंत पर हो, तो उसका वास्तविक प्रतिबिंब F पर बनता है । किरण मुख्य अक्ष के समानांतर चलकर दर्पण से टकरा कर परावर्तित होती है और F पर मिलती है ।

उस स्थिति में प्रतिबिंब अति छोटा, वास्तविक और उल्टा बनता है ।

(iii) वस्तु C से परे — जब वस्तु C से परे हो तो वह 2f से दूर होगी। इससे छोटा, उल्टा और वास्तविक प्रतिबिंब बनेगा ।

(iv) वस्तु F पर — जब वस्तु फोकस पर हो तो मुख्य अक्ष के समानांतर चलने वाली किरण AD फोकस से गुजरेगी। दूसरी प्रकाशीय किरण की सहायता से वह बहुत बड़ा, उल्टा और अनंत पर प्रतिबिंब बनाएगी ।

 

(v) वस्तु F और C के बीच में — जब वस्तु F और C के बीच में हो तो AD मुख्य अक्ष के समानांतर चलनेवाली किरण फोकस से गुजरेगी। एक दूसरी किरण की सहायता से वह वास्तविक, परिवर्द्धित और उल्टा प्रतिबिंब बनाएगी ।

(vi) वस्तु C पर — जब वस्तु C परहो तो वह 2f पर होगी। मुख्य अक्ष के समानांतर चलनेवाली किरण परावर्तन के पश्चात् F से गुजरेगी तथा वास्तविक, उल्टा और समान आकार का प्रतिबिंब बनाएगी ।


 

प्रश्न 10. अवतल दर्पण द्वारा विभिन्न स्थितियों में रखी वस्तुओं की स्थिति, आकार और प्रकृति के लिए सारणी बनाइए ।

उत्तर ⇒

क्रम सं वस्तु की स्थिति प्रतिबिंब की स्थिति प्रतिबिंब की साइज  प्रतिबिंब की प्रकृति
    1. अनंत पर फोकस (F) पर अत्यंत छोटा वास्तविक एवं उल्टा
     2. वक्रता केंद्र C के परे फोकस (F) और वक्रता केंद्र (C) के बीच छोटा वास्तविक एवं उल्टा
    3.  वक्रता केंद्र C पर  वक्रता केंद्र C पर वस्तु के बराबर वास्तविक एवं उल्टा
    4. F और C के बीच C से परे वस्तु से बड़ा वास्तविक एवं उल्टा
    5. F पर अनंत पर बहुत बड़ा वास्तविक एवं उल्टा
   6. F और शीर्ष O के मध्य दर्पण के पीछे बड़ा आभासी एवं सीधा

 


 

प्रश्न 11. उत्तल लेंस द्वारा किसी वस्तु के विभिन्न स्थानों के प्रतिबिंबों को चित्र सहित समझाएँ ।

(a) जब वस्तु, अनंत दूरी पर हो ।

(b) जब वस्तु 2F से परे हो ।

(c) जब वस्तु 2F पर हो ।

(d) जब वस्तु तथा 2F के बीच हो ।

(e) जब वस्तु F पर हो ।

(f) जब वस्तु F तथा लेंस के बीच में हो ।

उत्तर ⇒ (a) जब वस्तु अनंत दूरी पर हो – जब वस्तु उत्तल लेंस से अनंत दूरी पर होती है तो प्रकाश की किरणें मुख्य अक्ष के समानांतर लेंस पर पड़ती हैं और अपवर्तन के पश्चात् ये सभी किरणें मुख्य फोकस पर मिल जाती हैं। इस प्रकार प्रतिबिंब मुख्य फोकस F पर बनता है । यह वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के आकार से बहुत छोटा होता है ।

                        चित्र – वस्तु अनंत पर

(b) जब वस्तु 2F से परे हो – वस्तु से प्रकाश की किरण मुख्य अक्ष के समानांतर चलती है और अपवर्तन के पश्चात् मुख्य फोकस में से गुजरती है। दूसरी किरण प्रकाश केंद्र से गुजरने पर बिना मुड़े सीधी निकल जाती है। ये दोनों किरणें F तथा 2F के बीच A पर हैं । 

इस प्रकार वस्तु AB का प्रतिबिंब A ‘B’, F तथा 2F के मध्य बनता है । यह वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के आकार से छोटा होता है ।

(c) जब वस्तु 2F पर हो – वस्तु के B सिरे से प्रकाश की किरण BC मुख्य अक्ष के समानांतर चलती है और अपवर्तन के पश्चात् मुख्य फोकस में से गुजरती । प्रकाश केंद्र 0 में से गुजरने वाली किरण बिना मुड़े सीधी निकल जाती है। ये दोनों प्रकार की किरणें 2F तथा B’ पर मिलती है। इस प्रकार वस्तु का प्रतिबिंब A’B’, 2F पर बनता है । यह प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के आकार के बराबर होता है
 

(d) जब वस्तु तथा 2F के बीच हो – वस्तु के प्रकाश की एक किरण BC मुख्य अक्ष के समानांतर चलती है और अपवर्तन के पश्चात् मुख्य फोकस F में से गुजरती है। प्रकाश केंद्र में से गुजरने वाली किरण बिना मुड़े सीधी निकल जाती है। ये दोनों प्रकाश की किरणें 2F से परे मिलती है । इस प्रकार वस्तु का
प्रतिबिंब 2F से परे A’B’ पर बनता है । यह वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के आकार से बड़ा होता है ।

(e) जब वस्तु F पर हो – इस अवस्था में वस्तु से आ रही प्रकाश की किरणें अपवर्तन के पश्चात् मुख्य अक्ष के समानांतर हो जाती है । इस प्रकार वस्तु का प्रतिबिंब अनंत पर बनता है । यह वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के आकार से बहुत बड़ा होता है । इसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता ।

 

 

(f) जब वस्तु मुख्य फोकस और लेंस के बीच में हो – इस अवस्था में प्रकाश की किरणें अपवर्तन के बाद नहीं मिलतीं । परंतु पीछे बढ़ाने पर ये किरणें B से आती हुई प्रतीत होती है। इसलिए AB का प्रतिबिंब A’B’ वस्तु के पीछे उसी ओर बनता है । यह सीधा, बड़ा तथा आभासी होता है ।


 

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