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Matric Hindi Nghar Subjective Questions 2024 [ हिन्दी ] नगर सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

हिन्दी ( Hindi ) नगर लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Hindi हिन्दी का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Hindi Short Type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th हिन्दी 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Hindi Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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हिन्दी (Hindi) का नगर लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर

                                          लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. वल्लि अम्माल ने पाप्पाति के लिए क्या मन्नत मानी ?

उत्तर ⇒ वल्लि अम्माल ने पाप्पाति के ठीक हो जाने पर वैदीश्वरन के मंदिर में दोनों हाथ भर रेजगारी चढ़ाने की मन्नत मानी ।

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प्रश्न 2. बड़े डॉक्टर पाप्पाति के बारे में पूछताछ क्यों कर रहे थे ?

उत्तर ⇒ बड़े डॉक्टर पाप्पाति के बारे में पूछताछ कर रहे थे क्योंकि उसे मेनिनजाइटिस के खतरनाक किस्म का रोग लगा था और वह कल का दिन नहीं देख पाती यदि फौरन इलाज नहीं हुआ तो, इसलिए वह उसका इलाज करने के लिए पूछताछ कर रहे थे ।

प्रश्न 3. पाप्पाति कौन थी और वह शहर क्यों लायी गयी थी ?

उत्तर ⇒ पाप्पाति वल्लि अम्माल की पुत्री थी और गाँव के प्राइमरी हेल्थ सेन्टर के डॉक्टर के कथनानुसार मदुरै शहर के बड़े अस्पताल में चिकित्सा के लिए लायी गयी थी ।

प्रश्न 4. नगर शीर्षक कहानी के शीर्षक की सार्थकता पर विचार करें ?

उत्तर ⇒ ‘नगर’ शीर्षक कविता प्रतीक रूप में है। बल्लि अम्माल अपनी पुत्री को लेकर बड़े शहर मदुरै जाती है जो मरनासन्न है। नगर के लोग रुखे व्यवहार के हैं। उसे एक स्थान पर खड़ा होकर रोने भी नहीं देते। गाँव में एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं। अतः अव्यावहारिक जीवन शैली का प्रतीक ‘नगर’ शीर्षक सार्थक है ।

प्रश्न 5. बड़े डॉक्टर ने अपने अधीनस्थ डॉक्टरों से पाप्पाति को अस्पताल में भर्ती कर लेने के लिए क्यों कहा ? विचार करें ?

उत्तर ⇒ मदुरै अस्पताल के बड़े डॉक्टर ने पाप्पाति की अच्छी तरह परीक्षा करने के बाद ‘एक्यूट केस ऑफ मेनिनजाइटिस’ रोग निर्णय किया, जो खतरनाक था । उसने अपने अधीनस्थ डॉ. धनशेखरन को तुरंत एडमिट करने को कहा ।

प्रश्न 6. मदुरै का इतिहास क्या है ?

उत्तर ⇒ मदुरै पांड्य लोगों की दूसरी राजधानी थी। प्राचीन मानचित्रों में उसे मदरा लिखा गया है, अंग्रेजों ने उसे मदुरा कहकर पुकारा। यूनानी लोग उसे मदोरा कहते थे । वही आज तमिलनाडु का मदुरै नगर है ।

प्रश्न 7. बड़े डॉक्टर ने अस्पताल के बाबू को क्यों डाँटा ?

उत्तर ⇒ जब बड़े डॉक्टर को कहा गया कि उसे कल साढ़े सात बजे बुलाया गया है तो वह क्रोधित हो उठा क्योंकि वह पाप्पाति का परीक्षण कर रोग की गंभीरता जान चुका था। उसने सोचा कि बिना चिकित्सा के तो वह सुबह तक मर जायेगी । अतः, अधीनस्थों को डाँटा और रोगी को खोजने के लिए कहा ।

 

                                          दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. बड़े डॉक्टर के आदेश के बावजूद पाप्पाति अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं हो पाती ?

उत्तर ⇒ बड़े डॉक्टर ने पाप्पाति का रोग देखा । उसका परीक्षण कर एक्यूट केस ऑफ मेनिनजाइटिस कहा। रुग्ना की माँ अशिक्षित नारी थी। वह न तो अस्पताल की प्रक्रिया जानती थी और न किसी से पूछने की हिम्मत ही कर सकी । अस्पताल में घूसखोरी और पैरवी का वातावरण व्याप्त था वल्लि अम्माल का दिन भर का समय इधर – उधर दौड़ने में बीत गया और हारकर वह गाँव लौट गयी। यही कारण है कि बड़े डॉक्टर के आदेश के बावजूद पाप्पाति अस्पताल में भर्ती न हो सकी ।

प्रश्न 2. लेखक ने कहानी का शीर्षक ‘नगर’ क्यों रखा ?

उत्तर ⇒ ‘नगर’ शीर्षक घटना – स्थान की द्योतित करता है, जो लक्षणशास्त्र के अनुसार सटीक कहा जायेगा । लेखक मदुरै का इतिहास बताकर पुनः हास्य की मुद्रा में कहता है – चप्पल रहित गँवार लोगों की भीड़, मीनाक्षी मन्दिर के स्तब्ध से खड़े अनेक गोपुरम्, सूखी हुई वेगै नदी का पुल यह है मदुरै । इसी नगर में रुग्ना पुत्री को लेकर वल्लि अम्माल चिकित्सा के लिए आती है और अस्पताल की दौड़ लगाकर निष्फल, निराश लौट जाती है। नगर में यही सब तो होता है, जिसका चित्र लेखक ने सही खींचा है । इसीलिए इस कहानी का शीर्षक ‘नगर’ रखा गया है, जो सही और सटीक है ।

प्रश्न 3. वल्लि अम्माल का चरित्र-चित्रण करें ।

उत्तर ⇒ वल्लि अम्माल इस कहानी की प्रधान पात्रा है । वह पूर्ण अशिक्षित और शहरी वातावरण से अपरिचित भी है। देहाती वातावरण में रहने के कारण मुखर भी नहीं थी । वह पुराने देहात की, पुराने रिवाज में पली नारी थी । उसे अस्पताल की दौड़ और दवाओं का गंध भी असह्य था । उसे गाँव के अधकचरे झोला छाप वैद्य, डॉक्टरों, ओझाओं और देवी-देवताओं पर विश्वास था । वह शहरी वातावरण से अनभिज्ञ अशिक्षित और डरपोक प्राचीन भारतीय नारी थी ।

 

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