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Class 10th Hindi Grammar Varn Vichar Subjective and Objective Questions [ हिंदी व्याकरण ] वर्ण विचार सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन
Class 10th Geography Subjective Question Class 10th Subjective Question

Matric Geography Parivahan, Sanchar Avam Vyapar Subjective Questions 2024 [ भूगोल ] परिवहन, संचार एवं व्यापार सब्जेक्टिव क्वेश्चन

भूगोल ( Geography) परिवहन, संचार एवं व्यापार  दीर्घ उत्तरीय सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Geography भूगोल का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Geography Long Type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th भूगोल 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Geography Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Geography Parivahan, Sanchar Avam Vyapar Subjective Questions 2024 [ भूगोल ] परिवहन, संचार एवं व्यापार सब्जेक्टिव क्वेश्चन

 

प्रश्न 1. भारतीय अर्थव्यवस्था में परिवहन एवं संचार की महत्ता का वर्णन कीजिए ।

उत्तर ⇒ परिवहन के साधनों से अभिप्राय ऐसे साधनों से है जिनका प्रयोग यात्रियों एवं सामानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने के लिए किया जाता है; जैसे-बसें, ट्रक, वायुयान इत्यादि । संचार साधनों से अभिप्राय ऐसे साधनों से है जिनका प्रयोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक संदेश भेजने के लिए किया जाता है;

जैसे- टेलीफोन, डाक सेवाएँ संचार के साधन कहलाते हैं। वास्तव में यातायात और संचार के साधन किसी देश की जीवन रेखाएँ हैं। कोई भी देश या अर्थव्यवस्था तब तक उन्नति नहीं कर सकती जब तक वहाँ यातायात तथा संचार के साधनों का जाल न बिछा हो ।
भारतीय अर्थव्यवस्था में परिवहन एवं संचार साधनों की महत्ता निम्न हैं-

(i) इसके द्वारा देश को एकता के सूत्र में बाँधा जा सकता है ।

(ii) ये देश के एक-एक भाग को अन्य भागों से जोड़ते हैं तथा सभी स्थानों पर आवश्यक उत्पादों को पहुँचाने में सहायक हैं ।

(iii) ये उद्योगों का कच्चा माल लाने तथा तैयार माल को रेलवे तथा सड़कों द्वारा बाजार तक पहुँचाने में सहायक हैं। कृषि भी परिवहन पर निर्भर करती है ।

(iv) भारत एक कृषि प्रधान देश है । परिवहन विभिन्न जातियों, मतों, रंगों, धर्मों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोगों को एक-दूसरे के निकट लाता है ।

(V) ये बेहतर प्रौद्योगिकी का स्थानान्तरण एक देश से दूसरे देश तथा एक राज्य से दूसरे राज्य में करने में मदद करते हैं ।

प्रश्न 2. भारतीय रेल परिवहन की विशेषताओं का वर्णन करें ।
अथवा, भारत में रेलमार्ग की विस्तृत वर्णन करें ?

उत्तर ⇒ रेलमार्ग देश में यात्री परिवहन एवं
माल का मुख्य साधन है भारतीय रेलवे एशिया की सबसे बड़ी एवं विश्व की दूसरी स्थान की रेल प्रणाली है। भारत में इसकी शुरूआत 16 अप्रैल, 1853 ई० में मुम्बई से थाणे के बीच रेल परिवहन शुरू हुई थी। ईस्ट इंडिया कम्पनी ने अपनी व्यापरिक उद्देश्य के लिए भारत में रेलवे का जाल बिछाना शुरू किया। स्वतंत्रता के बाद रेलवे का विकास पूरे देश में हुआ । 31 मार्च, 2007 तक भारत में रेलवे की लम्बाई 63,327 km है। भारतीय रेलवे को प्रशासकीय सुविधा के लिए 16 क्षेत्रों में बाँटा गया है
भारतीय रेलवे की मुख्य विशेषताएं-

(i) राजधानी एक्सप्रेस तीव्र गति से चलने वाली ट्रेनें हैं जो दो बड़ी शहरों को जोड़ती है ।

(ii) जनशताब्दी एक्सप्रेस छोटे शहरों को महानगरों एवं बड़े शहरों को जोड़ने वाली ट्रेन है ।

(iii) 1 अगस्त, 1947 ई० से रेल यात्री बीमा योजना शुरू किया गया।

(iv) दिल्ली, कोलकात्ता में मेट्रो रेल शुरू किया गया।

(v) विश्व की सबसे अधिक विद्युतकृत रेलगाड़ियाँ भारत में हैं

(vi) भारतीय रेलवे से 15.5 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है ।

(vii) भारतीय रेलवे द्वारा 1991 से विशेष सेवा जीवन रेखा चलाई जा रही है जो विश्व का पहला चलंत अस्पताल है ।

प्रश्न 3. भारत में पाये जानेवाले विभिन्न प्रकार की सड़कों का विस्तृत विवरण दीजिए।

उत्तर ⇒ भारत में विभिन्न प्रकार की सड़कें हैं, जिनमें राष्ट्रीय महामार्ग, राज्य मार्ग, जिले की सड़कें, गाँव की सड़कें आदि सम्मिलित हैं। इनके अतिरिक्त अभी हाल में ही एक्सप्रेस राष्ट्रीय महामार्गों का भी आरम्भ हुआ है।

(i) एक्सप्रेस राष्ट्रीय महामार्ग देश में परिवहन को और तेज बनाने के लिए इन एक्सप्रेस राष्ट्रीय महामार्गों की योजना बनाई गई है। ऐसे महामार्ग चार से छः लेन तक होते हैं। ऐसे अनुमान है कि 1999 से 2007 की अवधि के बीच कोई 14846 km. इस प्रकार के राष्ट्रीय महामार्ग बनाये जाएँगे ।
एक एक्सप्रेस राष्ट्रीय महामार्ग दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई और कोलकाता को आपस में मिलायेगा । दूसरा महामार्ग श्रीनगर को कन्याकुमारी से और तीसरा सिलचर को पोरबंदर से मिलायेगा । चौथा एक्सप्रेस राष्ट्रीय महामार्ग देश के बड़े पत्तनों को आपस में मिलायेगा ।

(ii) राष्ट्रीय महामार्ग -ये राष्ट्रीय महत्त्व की सड़कें विभिन्न राज्यों की राजधानियों को आपस में मिलाती हैं। भारत में इन राष्ट्रीय महामार्गों की कुल लम्बाई कोई 52,000 किलोमीटर है ।

(iii) राज्य महामार्ग —ये महामार्ग प्रत्येक राज्य की राजधानी को उस राज्य के अनेक नगरों से मिलाते हैं । इनका रख-रखाव राज्य सरकारों का होता है। ऐसे महामार्गों की लम्बाई 1.3 लाख किलोमीटर है

(iv) जिले की सड़कें – ये सड़कें जिला मुख्यालय को जिले के अन्य नगरों एवं कस्बों से जोड़ती हैं।

(v) गाँव की सड़कें ये सड़कें गाँव को जिले के विभिन्न नगरों से मिलाती हैं।

(vi) सीमा सड़कें – ये सड़कें बहुत महत्त्व की होती हैं। इनका निर्माण देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में किया जाता है। इनका रख-रखाव केन्द्रीय सरकार करती है ।
इनके निर्माण के लिए केन्द्रीय सरकार ने सीमा सड़क विकास बोर्ड नामक संगठन का निर्माण कर रखा है। ये संगठन सीमावर्ती सड़कों की मरम्मत का कार्य भी देखती है और नई सड़कों का निर्माण भी करता है ।

प्रश्न 4. भारत में पाइपलाइन परिवहन का वर्णन कीजिए ।

उत्तर ⇒ वर्त्तमान समय में परिवहन के रूप में पाइपलाइन का महत्त्व दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है । पाइपलाइन का उपयोग तरल पदार्थों एवं गैस एवं पेट्रोलियम के परिवहन के लिए किया जा रहा है। पाइपलाइन के द्वारा मरुस्थल, जंगल, पर्वतीय क्षेत्र, मैदानी भाग, समुद्र के नीचे से भी होकर परिवहन किया जाना संभव है ।
भारत में पाइपलाइन का भविष्य तेल एवं प्राकृतिक गैस उद्योग पर निर्भर है। देश के कच्चे तेलों के उत्पादन क्षेत्रों से शोधन शीलाओं तक एवं शोधनशालाओं से तेल उत्पादकों को बाजार तक पाइपलाइन के जरिये भेजा जाता है। आजकल ठोस पदार्थों जैसे खनिज को तरल अवस्था में परिवर्तित कर पाइपलाइन द्वारा ले जाया जाने लगा है। देश में पेट्रोलियम उत्पादन क्षेत्रों में वृद्धि, पाइपलाइन माल का भी विस्तार होने लगा है। 2004 ई० में 18546 km. देश में पाइपलाइन है। देश का सबसे बड़ा पाइपलाइन जाल नहरकटिया, गोवाहाटी, सिल्लीगुड़ी, बरौनी, कानपुर, राजबंध, मौरीग्राम, हल्दिया पाइपलाइन हैं ।

प्रश्न 5. भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की विशेषताओं का वर्णन कीजिए

उत्तर ⇒ स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की प्रमुख विशेषताएँ रही हैं-
भारत की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार 1950-51 ई० में 1214 करोड़ रुपया का हुआ था जो 2007-08 ई० में बढ़कर 1605022 करोड़ रुपया का हो गया है। यद्यपि देश के कुल व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि आई है। परंतु देश का आयात-निर्यात की अपेक्षा बढ़ता जा रहा है ।
फलतः देश का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रतिकूल व्यापार संतुलन बन गया है । फलतः व्यापार घाटा प्रतिवर्ष बढ़ता जा रहा है। पेट्रोलियम के मूल्य में लगातार वृद्धि होने के कारण आयात खर्च में वृद्धि इस घाटे के लिए जिम्मेवार है। 2006-07 और 2007-08 के बीच भारत के कुल निर्यात का 51-54% निर्यात एशिया
और ओसेनिया को हुआ। इसके बाद यूरोप (22-99%) और अमेरिका (17-04%) का स्थान रहा है । इस अवधि में आयात भी एशिया और ओसानिया से सर्वाधिक 65.52% रहा। इसके बाद यूरोप 19-97% अमेरीका 9-05% का स्थान रहा । भारत से निर्यात की जाने वाली वस्तुओं में इंजीनियरिंग समान, पेट्रोलियम उत्पाद, रत्न और आभूषण, रसायन एवं सम्बद्ध उत्पाद, वस्त्र, कृषि एवं सम्बद्ध उत्पाद, अयस्क एवं खनिज एवं अन्य समान । जबकि आयात की जाने वाली वस्तुओं में पेट्रोलियम एवं संबंधित उत्पाद, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स समान, सोना, चाँदी, उर्वरक, रसायन, अलौह धातु आदि ।
वर्त्तमान समय में भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सॉफ्टवेयर महाशक्ति के रूप में उभर रहा है । परिणामस्वरूप सूचना प्रोद्योगिकी के व्यापार से भी भारत अत्यधिक विदेशी मुद्रा अर्जित कर रहा है ।

 

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