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Class 10th Hindi Grammar Varn Vichar Subjective and Objective Questions [ हिंदी व्याकरण ] वर्ण विचार सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन
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Matric Geography Nirman Udyog Subjective Questions 2024 [ भूगोल ] निर्माण उद्योग सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

भूगोल ( Geography) निर्माण उद्योग  दीर्घ उत्तरीय सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Geography भूगोल का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Geography Long Type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th भूगोल 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Geography Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Geography Nirman Udyog Subjective Questions 2024 [ भूगोल ] निर्माण उद्योग सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

 

प्रश्न 1. भारतीय अर्थव्यवस्था पर वैश्वीकरण के प्रभाव का विवरण दीजिए ।
अथवा, वैश्वीकरण का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा है ?

उत्तर ⇒ भारत सरकार की नवीन आर्थिक नीतियाँ वैश्वीकरण को परिभाषित करने में लगी हुई है। इसके अंतर्गत भारतीय अर्थव्यवस्था का विश्व की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ तारतम्य बनाना है। इसके अंतर्गत सभी वस्तुओं के आयात में खुली छूट, सीमा शुल्क में कमी,
विदेशी पूँजी की मुक्त प्रवाह की अनुमति सेवा क्षेत्र विशेषकर बैंकिंग, बीमा और जहाजरानी क्षेत्रों में विदेशी पूँजी निवेश की छूट और रुपयों को पूर्ण परिवर्तनशील करना है। इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था का तेजी से वैश्वीकरण हो रहा है ।
उदारीकरण और निजीकरण आर्थिक सुधारों के कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में उपलब्धियाँ उत्साहवर्द्धक | विदेशी मुद्रा का भण्डार काफी बढ़ गया है। किन्तु सामाजिक क्षेत्रों की प्रगति संतोषजनक नहीं है। रोजगार सृजन के अवसर कम हुए हैं। गरीबी उन्मूलन का कार्यक्रम प्रभावित हुआ है ।
अनाज का भंडार रहते हुए भी भारी संख्या में भारतवासी कुपोषण के शिकार हैं। इसका मुख्य कारण उनमें क्रयशक्ति की कमी है। वैश्वीकरण से स्वदेशी उद्योगों और विशेषकर लघु एवं कुटीर उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। यह बात स्पष्ट रूप से कही जा सकती है
कि वैश्वीकरण से हमारी अर्थव्यवस्था पर और औद्योगिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा ।

प्रश्न 2. भारत के सीमेंट उद्योग का वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक देश है। यहाँ पर अनेक प्रकार के सीमेंट का उत्पादन होता है जैसे पोर्टलैंड, सफेद सीमेंट इत्यादि । यह उद्योग कच्चे माल के निकट स्थापित किया जाता है ।
सबसे पहला सीमेंट संयंत्र 1904 ई० में चेन्नई में स्थापित किया गया। आज भारत में 159 बड़े तथा 332 से अधिक छोटे सीमेंट संयंत्र है।
भारतीय सीमेंट की माँग विदेशों में काफी है क्योंकि यह उच्च गुणवत्ता वाला होता है। इसकी माँग दक्षिण एवं पूर्वी एशिया में काफी है। इस समय भारत में 20 करोड़ टन सीमेंट प्रतिवर्ष उत्पादन हो रहा है ।

प्रश्न 3. उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं ? वैश्वीकरण का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा है ? इसकी व्याख्या करें ।

उत्तर ⇒ उदारीकरण का तात्पर्य किसी भी क्षेत्र में नियंत्रण एवं प्रतिबंधों को समाप्त करने के लिए उदारता बरतने से है। सरकार के द्वारा लगाये गये प्रत्यक्ष तथा भौतिक नियंत्रण से अर्थव्यवस्था को मुक्त करना ताकि सभी क्षेत्रों का समान विकास संभव हो ।
निजीकरण का तात्पर्य सार्वजनिक क्षेत्र के महत्व को कम करते हुए उत्पादन का स्वामित्व निजी क्षेत्र के अधीन सौंपना क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र में उद्योगों का विकास सही ढंग से नहीं हो पा रहा है या चल रहा था । अतः, स्वामित्व का अधिकार किसी निजी क्षेत्र के अधीन सौंपा गया ताकि तीव्र औद्योगिक उत्पादन हो
वैश्वीकरण का अर्थ है देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ना अर्थात् प्रत्येक देश का अन्य देशों के साथ बिना किसी प्रतिबंध के पूँजी तकनीकी एवं व्यापारिक आदान-प्रदान ही वैश्वीकरण है ।
वैश्वीकरण से सभी वस्तुओं के आयात में छूट, सीमा शुल्क में कमी, विदेशी पूँजी की मुक्त प्रवाह की अनुमति, सेवा क्षेत्र विशेषकर बैंकिंग, बीमा और जहाजरानी क्षेत्रों में विदेशी पूँजी निवेश की छूट और रुपयों की पूर्ण परिवर्तनशील करना है । इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था का तेजी से वैश्वीकरण हो रहा है ।
परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में उपलब्धियाँ उत्साहपूर्वक है । विदेशी मुद्रा का भंडार काफी बढ़ गया है। 2007-08 में 200 अरब डॉलर हो गया है। वैश्वीकरण से
स्वदेशी उद्योगों और विशेषकर लघु एवं कुटीर उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कुल मिलाकर वैश्वीकरण से हमारी अर्थव्यवस्था पर और औद्योगिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा ।

प्रश्न 4. भारत में सूचना एवं प्रौद्योगिकी उद्योग का विवरण दीजिए ।
उत्तर ⇒ इस उद्योग को ज्ञान आधारित उद्योग भी कहते हैं। क्योंकि इसमें उत्पादन के लिए विशिष्ट ज्ञान, उच्च प्रौद्योगिकी और निरंतर शोध और अनुसंधान की आवश्यकता रहती है। अतः यह वह उद्योग हैं जो मुख्यतः सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित है। इसने देश के आर्थिक ढाँचे तथा लोगों की जीवनशैली में बहुत क्रांति ला दिया है ।
इस उद्योग के अंतर्गत आने वाले उत्पादों में ट्रांजिस्टर से लेकर टेलीविजन, टेलीफोन, पेजर, राडार, सेल्यूलर टेलीकॉम, लेजर, जैव-प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष उपकरण, कम्प्यूटर की यंत्र सामग्री (हार्डवेयर) तथा प्रक्रिया सामग्री (साफ्टवेयर ) इत्यादि हैं। इनके प्रमुख उत्पादक केन्द्र बंगलूर, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, पुणे,
चेन्नई, कोलकाता, कानपुर तथा लखनऊ है। इसके अतिरिक्त 20 सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क है, जो सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों की एकल विंडों सेवा तथा उच्च. आँकड़ें संचार सुविधा प्रदान करते हैं । इस उद्योग का प्रमुख महत्व रोजगार उपलब्ध कराना है । इसमें रोजगार प्राप्त व्यक्तियों में लगभग 30% महिलाएँ हैं ।
पिछले दो या तीन वर्षों से यह उद्योग विदेशी मुद्रा प्राप्ति करने को एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। जिसका कारण तेजी से बढ़ता व्यवसाय प्रक्रिया ब्राह्म-स्रोतीकरण (Business Process Out – sourcing-D. P. O . ) है । इससे जुड़ी अर्थव्यवस्था को ज्ञान अर्थव्यवस्था भी कहते हैं ।

प्रश्न 5. उद्योगों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के उपायों का वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ प्रदूषण को उचित योजनाओं द्वारा रोका जा सकता है । उद्योगों को निर्धारित क्षेत्रों में स्थापित करके, उपकरणों की गुणवत्ता को बनाए रखकर तथा उनके सही परिसंचालन द्वारा प्रदूषण को कम किया जा सकता है। वैकल्पिक ईंधन का चयन तथा उसके सही उपयोग वायु प्रदूषण को रोकने का प्रमुख साधन है ।
उद्योगों में कोयले के स्थान पर तेल के उपयोग से धुआँ रोका जा सकता है। वर्तमान में कई ऐसे उपकरण हैं जिनके माध्यम से वायु में उत्सर्जित प्रदूषकों को रोका जा सकता है। इनमें पृथककारी छनना बैगफिल्टर तथा स्क्रबर यंत्र उल्लेखनीय हैं।
उद्योगों के प्रदूषित जल को नदियों में छोड़ने से पहले उपचारित करके जल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है । उद्योगों से निकलने वाली द्रवों की तीन स्तरों पर उपचारित किया जाता है। यांत्रिक प्रक्रिया द्वारा प्राथमिक उपचार, प्रक्रिया द्वारा द्वितीयक उपचार तथा जैविक रासायनिक और
भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा जैविक तृतीयक उपचार | प्राथमिक उपचार में छँटाई, पिसाई, निथारना तथा गंदगी को तली में बैठाने की क्रिया शामिल है। द्वितीयक प्रक्रिया में जैविक विधियाँ शामिल हैं। तृतीयक उपचार में प्रदूषित जल को पुनः चक्रीय क्रिया शामिल है ।

प्रश्न 6. भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योगों के योगदान का विस्तारपूर्वक वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ किसी भी देश की आर्थिक सम्पन्नता उसके निर्माण उद्योगों के विकास से मापी जाती है। इन उद्योगों ने लोगों को रोजगार प्रदान कर उनकी कृषि पर निर्भरता को कम किया है। निर्मित वस्तुओं के निर्यात से विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है जिससे गरीबी की समस्या पर बहुत अधिक काबू पा लिया गया है।
जनजातीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के कारण क्षेत्रीय असमानताएँ कम हुई है। पिछले दो दशकों से सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण उद्योग का योगदान 1.7% है ।
पिछले एक दशक से भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में 7% की दर से बढ़ोत्तरी की यह दर अगले दशक में 12% अपेक्षित है। वर्ष 2007-08 से विनिर्माण क्षेत्र का विकास 9-10% प्रतिवर्ष की दर से हुआ है। सरकारी नीतियों तथा औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोत्तरी के नये प्रयासों से अर्थशास्त्रियों का अनुमान है
कि विनिर्माण उद्योग अगले एक दशक में अपना लक्ष्य पूरा कर सकता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए राष्ट्रीय विनिर्माण प्रतिस्पर्धा परिषद् की स्थापना की गई है ।

प्रश्न 7. भारत में सूती वस्त्र उद्योग के वितरण का वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ भारत में आधुनिक ढंग पर सूती वस्त्र उद्योग के प्रथम सफल कारखाने 1854 में मुंबई में कवासगी डाबर द्वारा स्थापित की गयी। भारत का सबसे बड़ा संगठित एवं व्यापक उद्योग है। देश का सबसे बड़ा विकेन्द्रित उद्योग है। देश के अधिकांश सूती वस्त्र मिलें महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु,
उत्तर प्रदेश पंजाब में मिलता है

(i) महाराष्ट्र देश में सूती वस्त्र के उत्पादन में प्रथम स्थान है यहाँ मुंबई, पुणे, अमरावती, शोलापुर, सांगली, जलगांव, कोल्हापुर में है। मुंबई को सूती वस्त्र की राजधानी कहते हैं ।

(ii) गुजरात -अहमदाबाद, सूरत, राजगीर, बड़ोदरा, पोरबंदर, घरुच प्रमुख सूती वस्त्र उद्योग केन्द्र हैं । अहमदाबाद को पूर्व बोस्टन कहा जाता है । यहाँ उत्तम महीन किस्म का कपड़ा बनाया जाता है

(iii) पश्चिम बंगाल – यहाँ बाजार को ध्यान में रखकर उद्योग की स्थापना की गयी, प्रमुख केन्द्र है हावड़ा, हुगली चौबीस परंगना, मुर्शीदाबाद आदि
(iv) तमिलनाडु – सूती कपड़ों की सर्वाधिक मिलें हैं । प्रमुख केन्द्र कोयम्बटुर, चेन्नई, मुदैर, तिरुनबेली आदि इसके अलावे उत्तर प्रदेश में कानपुर, वाराणसी, आगरा, पंजाब में अमृतसर लुधियाना, बिहार में गया, पटना, डुमराँव आदि ।

प्रश्न 8. औद्योगिक प्रदूषण हमारे जीवन को किस प्रकार प्रभावित करता है ?

उत्तर ⇒ औद्योगिक प्रदूषण का हमारे जीवन पर प्रभाव-

(i) पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है ।

(ii) काँच गृह प्रभाव से तापन बढ़ता है ।

(iii) सूखे की समस्या उत्पन्न हो गई है ।

(iv) वर्षा चक्र प्रभावित हुआ है ।

(v) प्रदूषणजन्य बीमारियाँ हो रही है

(vi) धरती का वातावरण सामान्य जीवन जीने योग्य नहीं रहा ।

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