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Class 10th Hindi Grammar Varn Vichar Subjective and Objective Questions [ हिंदी व्याकरण ] वर्ण विचार सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन
Class 10th Economics Subjective Question Class 10th Subjective Question

Matric Economics Upabhokta Jagaran Avam Sanrakshan Subjective Questions [ अर्थशास्त्र ] उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

अर्थशास्त्र ( Economics) उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण लघु और दीर्घ उत्तरीय सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Economics अर्थशास्त्र का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10thEconomics Short Type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th अर्थशास्त्र 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Economics Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Economics Upabhokta Jagaran Avam Sanrakshan Subjective Questions [ अर्थशास्त्र ] उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

                                      लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. उपभोक्ता शोषण से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ वह व्यक्ति जो बाजार में कोई वस्तु खरीदता है अथवा उस सेवा के लिए भुगतान करता है उपभोक्ता कहलाता है। जब एक उपभोक्ता किसी तरीके से धोखा पाते हैं, या तो दुकानदार या उत्पादक द्वारा कम गुणवत्ता अथवा घटिया वस्तुएँ उसे दी जाएँ तथा इन वस्तुओं और सेवाओं के लिए अधिक मूल्य लिया जाए, तो इसे उपभोक्ता शोषण कहते हैं।

प्रश्न 2. उपभोक्ता के शोषण के कौन-कौन से तरीकें हैं ?

उत्तर ⇒ उपभोक्ता शोषण के प्रमुख कारण निम्न हैं-

(i) उपभोक्ताओं की अज्ञानता ही उनके शोषण का प्रमुख कारण है ।

(ii) उपभोक्ताओं में आपस में एकजुटता नहीं हैं अर्थात् उपभोक्ता बिखरे हुए हैं। इनका अपना कोई मंच नहीं है।

(iii) उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों का ज्ञान ही नहीं है अर्थात् वह अपने अधिकारों के प्रति सजग नहीं है, इसलिए ही उनका शोषण होता है

(iv) उपभोक्ताओं को अधिकतम खुदरा मूय से अधिक राशि लेकर माल बेचा जाता है। यह भी शोषण का एक प्रमुख कारण है ।

प्रश्न 3. कुछ ऐसे कारकों की चर्चा करें जिससे उपभोक्ता का शोषण होता है ।

उत्तर ⇒ शोषण के निम्नलिखित कारक हैं-

(i) मिलावट की समस्या – महँगी वस्तुओं में मिलावट करके उसे ऊँचे दर पर बेच देना । इस प्रकार उपभोक्ता का शोषण होता

(ii) कम तौलने द्वारा – वस्तुओं के माप में भी हेरा-फेरी करके उपभोक्ता का शोषण किया जाता है ।

(iii) कम गुणवत्ता वाली वस्तु – उपभोक्ता को धोखे से कम गुणवत्ता वाली वस्तु देकर शोषण करना ।

(iv) ऊँची कीमत द्वारा – ऊँची कीमत वसूल करके भी उपभोक्ता का शोषण किया जाता है ।

(v) डुप्लीकेट वस्तुएँ – सही कम्पनी का डुप्लीकेट वस्तुएँ प्रदान करके उपभोक्ता का शोषण होता है ।

प्रश्न 4. उपभोक्ता कौन है ? संक्षेप में बताएँ ।

उत्तर ⇒ व्यक्ति जब वस्तुएँ एवं सेवाएँ अपने प्रयोग के लिए खरीदता है, तब वह ‘उपभोक्ता’ कहलाता है । खरीददार की अनुमति से ऐसी वस्तुओं और सेवाओं का प्रयोग करनेवाला ही उपभोक्ता है । व्यवसाय जगत् में उपभोक्ता का स्थान महत्त्वपूर्ण होता है । महात्मा गाँधी ने बाजार उपभोक्ता के महत्व के बारे में कहा था ” ग्राहक हमारी दुकान में आनेवाला सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति है । वह हम पर निर्भर नहीं हम उनपर निर्भर हैं । “करें ।

प्रश्न 5. उपभोक्ता के रूप में बाजार में उनके कुछ कर्त्तव्या का वर्णन

उत्तर ⇒ उपभोक्ता को निम्न कर्त्तव्यों को ध्यान में रखना आवश्यक है-

(i) उपभोक्ताओं को क्रय विक्रय की जानेवाली वस्तुओं के व्यावसायिक पक्षों के साथ ही सुरक्षा एवं स्वास्थ्य आदि पर उनके प्रभावों की जानकारी होनी चाहिए । लेनी चाहिए ।

(ii) जहाँ कहीं भी संभव हो, खरीदे गये सामान या सेवा की रसीद अवश्य

(iii) अनेक स्थानों पर सरकार अथवा अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा उपभोक्ता संघों की स्थापना की गई है। उपभोक्ताओं को उनके कार्यकलाप में रुचि लेनी चाहिए ।

(iv) उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रयोग भी करना चाहिए ।

प्रश्न 6. आप किसी खाद्य पदार्थ संबंधी वस्तुओं को खरीदते समय कौन-कौन से मुख्य बातों का ध्यान रखेंगे ? बिन्दुवार लिखें ।

उत्तर ⇒किसी भी खाद्य पदार्थ संबंधी वस्तु को खरीदते समय उस वस्तु की पूर्ण जानकारी आवश्यक होती है। जैसे- वस्तु का ग्रुप, मात्रा, वस्तु बनाने में प्रयुक्त तत्व आदि का प्रभाव जानना आवश्यक होता है 1 वस्तु उपयोग में खराब वस्तु निकलने पर उसका प्रयोग उपभोक्ता केन्द्र पर की जा सकती है तथा उचित शिकायत दर्ज कराकर मुआवजा प्राप्त किया जा सकता है ।

 

Economics Upabhokta Jagaran Avam Sanrakshan Subjective Question Answer 2024

 

प्रश्न 7. उपभोक्ता जागरण हेतु विभिन्न नारों को लिखें

उत्तर ⇒ उपभोक्ता जागरण हेतु विभिन्न नारे निम्नलिखित हैं-

(i) सतर्क उपभोक्ता ही सुरक्षित उपभोक्ता है।

(ii) ग्राहक सावधान ।

(iii) अपने अधिकारों को पहचानो ।

(iv) जागो ग्राहक जागो ।

(v) उपभोक्ता के रूप में अपने अधिकारों की रक्षा करो ।

प्रश्न 8. उपभोक्ता संगठन की बेबसाइट क्या है ?

उत्तर ⇒ www.cuts international organisation.

प्रश्न 9. ऐसे दो संस्थाओं के नाम लिखें जो उपभोग के अधिकार को संरक्षित करती है।

उत्तर ⇒ (i) मानवाधिकार आयोग

(ii) सूचना आयोग |

प्रश्न 10. सुनवाई का अधिकार क्या है ?

उत्तर ⇒ उपभोक्ता को अपने प्रभावित करनेवाली सभी बातों को उपयुक्त मंचों के समक्ष प्रस्तुत करने का अधिकार है ।

प्रश्न 11. उपभोक्ता की मुख्य समस्या क्या है ?

उत्तर ⇒ माल सेवा की घटिया किस्म तथा जानकारी का अभाव ही उपभोक्ता की मुख्य समस्या है ।

प्रश्न 12. उपभोक्ता का जागरुक होना क्यों आवश्यक है ?

उत्तर ⇒ उपभोक्ता अपने अधिकारों को जान सके तथा शोषण से बचे इसलिए इनका जागरुक होना जरूरी है।

प्रश्न 13. सूचना प्राप्त करने के मुख्य माध्यम क्या हैं ?

उत्तर ⇒ सूचना पाने का मुख्य माध्यम उत्पाद, विक्रेता, कम्पनी, दूरभाष, सार्वजनिक संचार माध्यम, इंटरनेट पर उत्पादक की बेबसाइट, ई-मेल तथा फैक्स है ।

प्रश्न 14. उत्पादक या व्यापारी के विरुद्ध कब शिकायत दर्ज की जाती है ?

उत्तर ⇒ उपभोक्ता संरक्षण नियम के अनुसार उपभोक्ता के अधिकारों के विरुद्ध कार्य करता है तब उपभोक्ता शिकायत दर्ज कर सकते हैं ।

प्रश्न 15. सूचना का अधिकार क्या है ?

उत्तर ⇒ सूचना का अधिकार आम आदमी को अधिकार सम्पन्न बनाने हेतु सरकार द्वारा उठाया गया कदम है ।
सूचना के अधिकार का तात्पर्य है कोई भी व्यक्ति अभिलेख, इ-मेल, आदेश दस्तावेज, नमूने और इलेक्ट्रॉनिक आँकड़ा आदि से सूचना प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 16. आर्थिक शोषण से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ बाजार में उपभोग के तहत अनेक वस्तुएँ उपलब्ध हो गई हैं, जिसके चकाचौंध में अक्सर उपभोक्ता भ्रमित हो जाते हैं कि कौन सी खरीदें ताकि उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण होने लगता है ।

प्रश्न 17. उपभोक्ता द्वारा शिकायत करने की सही तरीके का वर्णन करें

उत्तर ⇒ शिकायत सादे कागज पर की जा सकती है शिकायत में निम्नलिखित विवरण होना चाहिए-

(i) शिकायतकर्त्ताओं तथा विपरीत पार्टी के नाम का विवरण तथा पता ।

(ii) शिकायत से संबंधित तथ्य एवं यह सब कब और कहाँ हुआ ।

(iii) शिकायत में उल्लेखित आरोपों के समर्थन में दस्तावेज ।

(iv) शिकायत पर शिकायतकर्ता अथवा उसके प्राधिकृत एजेंट के हस्ताक्षर होने चाहिए ।

प्रश्न 18. हॉलमार्क गैर-मानक उत्पादों के खिलाफ आपकी हिफाजत करता है । कैसे ?

उत्तर ⇒ हॉलमार्क निर्दिष्ट करता है कि जेवरों की स्वतंत्र तथा परिशुद्धता की पूरी जाँच की गई है और यह नकली मानक नहीं है । लगभग 1500 उत्पादों पर चिह्न अंकित है जो खासतौर पर ऐसे उत्पाद आते हैं जो सेहत को नुकसान पहुँचा सकते हैं तथा जो उपभोक्ताओं की सुरक्षा करते हैं । इसमें LPG सिलिण्डर्स, बिजली उपकरण, सुरक्षा हैलमेट, खाद्य पदार्थ, रंग, सीमेंट, शिशु आहार तथा बबल गम जैसे उत्पाद शामिल है ।

 

Economics vvi Subjective Question answer Notes Hindi

 

प्रश्न 19. पैकेट बंद खाद्य उत्पादों में निम्नलिखित कौन-कौन सी जानकारी देखना आवश्यक होता है ?

उत्तर ⇒ कुछ ऐसी सामान्य जानकारियाँ है जिसे अवश्य देखना होगा। जैसे-

अवयवों की सूची

निर्माता का नाम और पता

इस्तेमाल की समाप्ति

डाले गये रंग और खुशबू की घोषणा

वजन या परिमाण

निर्माण की तिथि

निरामिष / सामिष चित्र

पोषाहार का दावा- सम्मिलित पौष्टिक तत्त्वों की मात्राएँ

स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक चेतावनी

वैधानिक चेतावनी ।

प्रश्न 20. उपभोक्ता फोरम में किन परिस्थितियों में शिकायत कर सकता है ?

उत्तर ⇒ निम्नलिखित समस्यायें शिकायत की परिस्थितियाँ होती हैं-

(i) किसी व्यापारी द्वारा अनुचित / प्रतिबंधात्मक पद्धति के प्रयोग करने से यदि आपको हानि हुई है।

(ii) यदि खरीदे हुए समान में कोई खराबी है ।

(iii) किराये पर ली गई / उपयोग की गई सेवाओं में किसी प्रकार की कमी पाई गई है ।

(iv) यदि आपसे प्रदर्शित मूल्य अथवा लागू कानून द्वारा अथवा इसके मूल्य से अधिक मूल्य लिया गया है ।

(v) यदि किसी कानून का उल्लंघन करते हुए जीवन तथा सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करनेवाला सामान जनता को बेचा जा रहा है ।

                                       दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. ‘उपभोक्ता संरक्षण हेतु सरकार द्वारा गठित न्यायिक प्रणाली (त्रिस्तरीय प्रणाली) को विस्तार से समझाएँ ।

उत्तर ⇒ उपभोक्ता की शिकायतों के समाधान अथवा उपभोक्ता – विवादों के निपटारे हेतु सरकार द्वारा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में त्रिस्तरीय अर्द्ध-न्यायिक व्यवस्था है, जिसमें जिला मंचों ‘राज्य आयोग’ एवं ‘राष्ट्रीय आयोग’ की स्थापना की गई है।

(i) राष्ट्रीय स्तर पर ( राष्ट्रीय आयोग ) ।

(ii) राज्य स्तर पर ( राज्य आयोग ) ।

(iii) जिला स्तर पर जिला मंच (जिला फोरम) ।

यह न्यायिक व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए बहुत ही उपयोगी एवं व्यवहारिक है । इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को जल्दी एवं सस्ता न्याय प्राप्त होता है एवं धन और समय की बचत होती हैं। जिस तरह अदालतों में मुकदमे दायर होते हैं, उसी तरह उनकी सुनवाई भी होती है। पहले शिकायत जिला फोरम में की जाती है शिकायतकर्त्ता अगर संतुष्ट नहीं है तो मामलों में ‘राज्य फोरम’ फिर राष्ट्रीय फोरम में ले जा सकते हैं । पुनः अगर उपभोक्ता राष्ट्रीय फोरम से संतुष्ट नहीं होता तो वह आदेश के 30 दिनों के अन्दर उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकता

प्रश्न 2. उपभोक्ता कौन है ? उपभोक्ता के कौन-कौन अधिकार है ? प्रत्येक अधिकार को सोदाहरण लिखें ।

उत्तर ⇒वस्तुओं और सेवाओं के उपयोग करने वाले व्यक्ति को उपभोक्ता कहते है ।
उपभोक्ता को कुछ अधिकार प्राप्त है जो इस प्रकार हैं-

(i) सुरक्षा का अधिकार – उपभोक्ता को ऐसे वस्तुओं और सेवाओं से सुरक्षा प्राप्त करने का अधिकार प्राप्त है, जिससे उसके शरीर या सम्पत्ति को हानि हो सकती है, जैसे- बिजली का आयरन विद्युत आपूर्ति की खराबी से करंट मारना या डॉक्टर ऑपरेशन के समय लापरवाही बरतता है जिसके कारण ज को खतरा या हानि होती है ।

(ii) सूचना पाने का अधिकार – उपभोक्ता को वह सारी सूचनाएँ भी प्राप्त करने का अधिकार है, जिसके आधार पर वह वस्तु या सेवाएँ खरीदने का निर्णय कर सकते हैं । जैसे-पैकेट बंद सामान खरीदने पर उसका मूल्य, इस्तेमाल करने की अवधि, गुणवत्ता इत्यादि की सूचना प्राप्त करें। जैसे- अवयवों की सूची, परिमाण ।

(iii) चुनाव या पसंद करने का अधिकार – विभिन्न निर्माताओं द्वारा विभिन्न ब्रांड, किस्म, गुण, रूप, आकार तथा मूल्य की वस्तु को पसंद करने के लिए स्वतंत्र है । जैसे- इस्तेमाल की समाप्ति, स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक चेतावनी आदि ।

(iv) सुनवाई का अधिकार – उपभोक्ता को अपने हितों को प्रभावित करनेवाली सभी बातों को उपयुक्त मंचों के समक्ष प्रस्तुत करने का अधिकार है । उपभोक्ता को अपने मंचों के साथ जुड़कर अपनी बातों को रखना चाहिए ।

(v) शिकायत निवारण या क्षतिपूर्ति का अधिकार – यह अधिकार लोगों को आश्वासन प्रदान करता है कि क्रय की गई वस्तु या सेवा उचित ढंग की नहीं निकली तो उन्हें मुआवजा दिया जायेगा ।

(vi) उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार- उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार के अन्तर्गत किसी वस्तु के मूल्य उसकी उपयोगिता, कोटि तथा सेवा की जानकारी तथा अधिकारों से ज्ञान प्राप्ति की सुविधा जैसी बातें आती है, जिसके माध्यम से शिक्षित उपभोक्ता धोखाधड़ी, दगाबाजी से बचने के लिए स्वयं सबल, संरक्षित एवं शिक्षित हो सकते हैं ।

प्रश्न 3. ‘मानवाधिकार अधिकार’ के महत्व को लिखें ।

उत्तर ⇒ विश्व के अन्य देशों की तरह हमारे देश में भी कुछ ऐसी संवैधानिक संस्थाओं की स्थापना की गई है, जो उपभोक्ताओं की इस आर्थिक शोषण का निराकरण करती है । राष्ट्रीय, राज्य तथा निम्न प्रशासकीय स्तर पर ये संस्थाएँ जीवन और उपयोग के अधिकार का संरक्षण देती है । हमारे देश में राष्ट्रीय स्तर पर एक उच्चतम संस्था है, जो मानवीय अधिकारों की रक्षा और उनके अधिकार से संबंधित हितों के लिए सुरक्षा प्रदान करती है, इसे राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था कहते हैं । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का महत्त्व इस बात से बढ़ जाता है कि इसके अध्यक्ष भारत के उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त प्रधान न्यायाधीश होते हैं । इसी तरह देश के प्रत्येक राज्य में एक ‘राज्य मानवाधिकार’ का गठन किया जाता है जो देश के नागरिकों के अधिकार और सुरक्षा संबंधी बातों को देखती है इसी आधार पर महिलाओं के ऊपर हुए अत्याचार अथवा शोषण संबंधी शिकायत के निराकरण के लिए देश के स्तर पर ‘राष्ट्रीय आयोग’ तथा ‘राज्य महिला आयोग गठित है

 

Class 10th Economics Alasakatha Subjective Question 2024

 

प्रश्न 4. ‘ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986’ की मुख्य विशेषताओं को लिखें ।

उत्तर ⇒ भारत सरकार द्वारा पारित उपभोक्ता की सुरक्षा और संरक्षण हेतु, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 एक महत्त्वपूर्ण अधिनियम है, जिसमें उपभोक्ता को बाजार में बेची जानेवाली वस्तुओं के संबंध में संरक्षण का अधिकार दिया गया है।
उपभोक्ता संरक्षण के दायरे में सभी वस्तुओं सेवाओं तथा व्यक्तियों, चाहे वह निजी क्षेत्र के हो या सार्वजनिक क्षेत्र को शामिल किया जाता है। इसके तहत् उपभोक्ताओं यह जानने का अधिकार होता है कि वह वस्तु की सेवा की गुणवत्ता, परिणाम क्षमता, शुद्धता, मानक और मूल्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके । इसके अतिरिक्त यह भी अधिकार है कि वह इस बात की भी परख कर लें कि उसे जो वस्तु या सेवा मिल रही है, वह खतरनाक तो नहीं है, ताकि वह अपना बचाव कर सके । उपभोक्ता किसी भी टेलीफोन या मोबाइल से मुफ्त में उपभोक्ता संरक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकता है। राष्ट्रीय उपभोक्ता लाइन नं. – 1800-11-4000 शुल्क मुफ्त

प्रश्न 5. उपभोक्ता के कर्त्तव्य क्या-क्या हैं ?

उत्तर ⇒ उपभोक्ता जब कोई वस्तु खरीदता है तो यह आवश्यक हो जाता है कि वह वस्तु की रसीद ले एवं वस्तु की गुणवत्ता ब्रांड, मात्रा शुद्धता, मानक, नाप- -तौल निर्माण की तिथि, उपभोग की अंतिम तिथि गारंटी । वारंटी पेपर गुणवत्ता का निशान जैसे—ISI, एगमार्क,बुलमार्क, हॉलमार्क और मूल्य की दृष्टि से किसी प्रकार के दोष, अपूर्णता पाते हैं तो सेवाएँ लेते समय अतिरिक्त सर्तकता एवं जागरुकता रखें । उपभोक्ता के साथ फोरम होता है अतः गलत वस्तु सेवा के लिए शिकायत करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। क्योंकि शिकायत की प्रक्रिया, आसान, खर्च एवं जल्दी न्याय पर आधारित है ! मामूली यदि 20 लाख से कम क्षतिपूर्ति है तो जिला फोरम में जाया जाता है। यदि यह 20 लाख से अधिक लेकिन एक करोड़ रु से कम है तो राज्य आयोग के समक्ष । यदि एक करोड़ रुपये से अधिक है तो राष्ट्रीय आयोग के समक्ष जा सकते हैं इस तरह उपभोक्ता का जागरुक होना एवं अपने कर्त्तव्य पहचानना ही शोषण से मुक्ति दिलाना है ।

प्रश्न 6. दो उदाहरण देकर उपभोक्ता जागरुकता की जरूरतों का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ वर्तमान समय में ऐसी कोई जगह नहीं जहाँ उपभोक्ता का शोषण नहीं हो रहा हो, ऐसे में चाहे शिक्षा क्षेत्र हो, बैकिंग, चिकित्सा, दूरसंचार डाक, खाद्य- सामग्री या भवन निर्माण सभी क्षेत्रों में त्रुटि, लापरवाही और कालाबाजारी उपभोक्ता के लिए घातक सिद्ध हो रही है ।
उदाहरणस्वरूप-

(i) गैस एजेंसियाँ – गैस एजेंसियों के द्वारा उपभोक्ताओं के घरों तक सिलेंडर समय पर नहीं पहुँचाया जाता जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्तागण कालाबाजारी के शिकार होते हैं तथा बाध्य होकर ऐसे एजेंसियों का चक्कर लगाना पड़ता है और उनका शोषण होता है ।

(ii) शिक्षण संस्थान – शिक्षण संस्थान बहुतायत रूप में गली-गली खुलते जा रहे हैं जो कि गैर मान्यता प्राप्त होते हैं, जिनमें योग्य शिक्षक, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, फर्नीचर, खेल का मैदान तथा मानक- पाठ्यक्रम का अभाव होता है तथा वे भ्रामक प्रचार-प्रसार द्वारा छात्रों को झूठा वादा कर गलत ढंग से फीस वसूलते हैं। इन सभी का कारण है जागरण का अभाव और अपने अधिकारों के प्रति चेतना में कमी उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरुक व सचेत रहना आवश्यक है।

 

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