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Matric Chemistry Tatvon Ka Avart Vargikaran Subjective Questions 2024 [ रसायन विज्ञान ] तत्त्वों का आवर्त वर्गीकरण सब्जेक्टिव क्वेश्चन
Class 10th Chemistry Subjective Question Answer 2024 Class 10th Subjective Question

Matric Chemistry Tatvon Ka Avart Vargikaran Subjective Questions 2024 [ रसायन विज्ञान ] तत्त्वों का आवर्त वर्गीकरण सब्जेक्टिव क्वेश्चन

रसायन विज्ञान ( Chemistryतत्त्वों का आवर्त वर्गीकरण दीर्घ उत्तरीय सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Chemistry रसायन विज्ञान का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Chemistry Long type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th रसायन विज्ञान 2024 का मॉडल पेपर( Class 10th Chemistry Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Chemistry Tatvon Ka Avart Vargikaran Subjective Questions 2024 [ रसायन विज्ञान ] तत्त्वों का आवर्त वर्गीकरण सब्जेक्टिव क्वेश्चन

 

प्रश्न 1. तत्त्व 35X17 का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखें एवं निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दें :

उत्तर ⇒ इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s2 2s2 2p6 3s2 3p5

(a) तत्त्व X के एक परमाणु में कितने संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं ?

उत्तर तत्त्व X के परमाणु में 7 संयोजी इलेक्ट्रॉन है।

(b) तत्त्व X की संयोजकता क्या है ?

उत्तर ⇒ तत्त्व X की संयोजकता 1 है।

(c) यह एक धातु है या अधातु है ?

उत्तर ⇒ तत्त्व X एक अधातु है।

(d) तत्त्व X के एक परमाणु में प्रोटॉनों तथा न्यूट्रॉनों की संख्या बताएँ ।

उत्तर ⇒ तत्त्व X के एक परमाणु में प्रोटॉन – 17 और न्यूट्रॉन – 18 है।

प्रश्न 2. आधुनिक आवर्त सारणी की प्रवृत्ति का निम्नलिखित पदों में उल्लेख करें :

(a) संयोजकता

(b) परमाणु साइज

(c) धात्विक एवं अधात्विक गुणधर्म ।

उत्तर ⇒ (a) संयोजकता : किसी तत्त्व की संयोजकता उसके परमाणु के सबसे बाहरी कोश में उपस्थित संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या से निर्धारित होती है।

(b) परमाणु साइज : परमाणु साइज से परमाणु की त्रिज्या का पता चलता है। एक स्वतंत्र परमाणु के केन्द्र से उसके सबसे बाहरी कोश की दूरी ही परमाणु के साइज को दर्शाती है।
आवर्त में बाईं से दाईं ओर जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है। नाभिक में आवेश बढ़ने से यह इलेक्ट्रॉनों को नाभिक की ओर खींचता है, जिससे परमाणु का साइज घट जाता है।
समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु का साइज बढ़ता है, क्योंकि नीचे जाने पर एक नया कोश जुड़ जाता है। इससे नाभिक तथा सबसे बाहरी कोश की . दूरी बढ़ जाती है और इस कारण नाभिक का आवेश बढ़ जाने के बाद भी परमाणु
का साइज बढ़ जाता है।

(c) धात्विक एवं अधात्विक गुणधर्म : Na एवं Mg जैसी धातुएँ सारणी की बाईं ओर तथा सल्फर एवं क्लोरीन जैसी अधातुएँ दाईं ओर स्थित हैं। मध्य में सिलिकन है जिसे अर्धधातु या उपधातु कहते हैं। यह धातु एवं अधातु दोनों के गुणधर्म प्रदर्शित करता है।
एक टेढ़ी-मेढ़ी रेखा धातुओं एवं अधातुओं को अलग करती है। इस रेखा पर आनेवाले तत्त्व बोरोन, सिलिकन, जर्मेनियम, आर्सेनिक, एंटीमनी, टेल्युरिन एवं पोलोनियम हैं, जो धातुओं एवं अधातुओं के गुणधर्म प्रदर्शित करते हैं।
आवर्त सारणी में संयोजकता कोश के इलेक्ट्रानों पर किया जानेवाला प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है, इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति घट जाती है। समूह में नीचे की ओर संयोजकता इलेक्ट्रॉन पर क्रिया करनेवाला प्रभावी नाभिकीय आवेश घटता है, क्योंकि सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर होते हैं। इसलिए, यह इलेक्ट्रॉन सुगमतापूर्वक निकल जाता है। इसलिए, धात्विक अभिलक्षण आवर्त में घटता है तथा समूह में नीचे जाने पर बढ़ता है। दूसरी ओर, अधातुएँ विद्युत – ऋणात्मक होती हैं, उनमें इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर आबंध बनाने की प्रवृत्ति होती है।

प्रश्न 3. मेंडेलीफ के आवर्त सारणी और आधुनिक आवर्त सारणी में क्या अन्तर है ?

 S.N     मेंडेलीफ की आवर्त सारणी             आधुनिक आवर्त सारणी
 1. तत्त्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमानों में व्यवस्थित किया गया है। तत्त्वों को बढ़ते परमाणु क्रमांक में व्यवस्थित किया गया है।

 

 2. इस आवर्त सारणी में ऊर्ध्वाधर स्तंभ केवल 8 हैं जो कि वर्ग कहलाते हैं। इस आवर्त सारणी 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ है जो कि वर्ग कहलाते हैं।

 

 3. सभी संक्रमण तत्त्वों को एक ही स्थान पर वर्ग VIII में रखा गया है। वर्ग 3 से वर्ग 12 में संक्रमण तत्त्व रखे गए हैं।

 

 4. मेण्डेलीफ के साथ उत्कृष्ट गैसों की खोज ही नहीं हुई थी । आधुनिक आवर्त सारणी में उत्कृष्ट गैसों को वर्ग 18 में व्यवस्थित किया गया है।
 5. तत्त्वों के समस्थानिकों को उचित स्थान नहीं मिला है तत्त्वों के समस्थानिकों को उनके संगत तत्त्वों के स्थान पर ही रखा गया है क्योंकि उनके परमाणु क्रमांक समान होते हैं।

 

  6.  रासायनिक रूप से असमान तत्त्वों को एक साथ रखे गए हैं। रासायनिक रूप से असमान तत्त्वों को पृथक् पृथक् वर्गों में रखा गया है
 7. कुछ स्थानों पर उन तत्त्वों को जिनका परमाणु द्रव्यमान उच्च है, उन तत्त्वों से पहले रखा गया है जिन तत्त्वों का परमाणु द्रव्यमान निम्न है। इसमें वर्गीकरण का आधार परमाणु क्रमांक है। इस प्रकार मैण्डेलीफ में वर्णित प्रतिलोम क्रम सम्बन्धी दोष को दूर कर दिया है।

 

 

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