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Matric Chemistry Acid, Base and Salt Subjective Questions 2024 [ रसायन विज्ञान ] अम्ल, क्षार एवं लवण सब्जेक्टिव क्वेश्चन
Class 10th Chemistry Subjective Question Answer 2024 Class 10th Subjective Question

Matric Chemistry Acid, Base and Salt Subjective Questions 2024 [ रसायन विज्ञान ] अम्ल, क्षार एवं लवण सब्जेक्टिव क्वेश्चन

रसायन विज्ञान ( Chemistryअम्ल, क्षार एवं लवण दीर्घ उत्तरीय  सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Chemistry रसायन विज्ञान का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Chemistry Long type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th रसायन विज्ञान 2024 का मॉडल पेपर( Class 10th Chemistry Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Chemistry Acid, Base and Salt Subjective Questions 2024 [ रसायन विज्ञान ] अम्ल, क्षार एवं लवण  सब्जेक्टिव क्वेश्चन

 

प्रश्न 1. बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम क्या है ? इसे बनाने की विधि, गुण एवं उपयोग लिखें ।

उत्तर ⇒ बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम बाइकार्बोनेट है। इसका अणुसूत्र NaHCO3 है।

विधि- जब सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन में CO2 तथा NH3 (अमोनिया) गैस प्रवाहित की जाती है तो सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3) बनता है।

NaCl + H2O + CO2 + NH3 → NH4Cl + NaHCO3

अमोनिया क्लोराइड जल में विलेय है किन्तु NaHCO3 नहीं | प्राप्त NaHCO3 के अविक्षेप को छानकर सुखा लिया जाता है ।

गुण-

(i) यह एक श्वेत रवादार पदार्थ है।

(ii) इसका जलीय घोल क्षारीय होता है। यह जल में कम विलेय होता है।

(iii) 100°C ताप तक गर्म करने पर यह सोडियम कार्बोनेट और कार्बन डाइऑक्साइड देता है।

2NaHCO3  →  Na2CO3 + CO2 + H2O(g) 

कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न होने के कारण इसका उपयोग बेकिंग सोडा की तरह होता है।

(iv) यह तनु या सान्द्र अम्ल ( HCI, H2SO4 ) आदि से संयोग कर तद्नुरूपी लवण एवं कार्बन डाइऑक्साइड देता है।

2NaHCO3 + H2SO4 → Na2SO4 + 2H20 + 2CO2

उपयोग ⇒

(i) इसका उपयोग दवा ( Soda bicarb) के रूप में पेंट की अम्लीयता (Acidity) दूर करने में होता है।

(ii) प्रयोगशाला में अभिकर्मक के रूप में।

(iii) CO2 बनाने तथा अग्निशामक में व्यवहार होता है।

(iv) यह फ्रूट साल्ट के निर्माण में काम आता है।

(v) बेकिंग पाउडर बनाने में (बेकिंग पाउडर, पोटैशियम हाइड्रोजन टार्टरेट तथा Na2HCO3 का मिश्रण होता है जो गर्म करने पर CO2 गैस उत्सर्जित कर ब्रेड को फुलाता है।

प्रश्न 2. दैनिक जीवन में pH का महत्त्व स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर ⇒ pH का हमारे दैनिक जीवन में बहुत अधिक महत्त्व है-

(i) मानव और जंतु जगत में – हमारे शरीर की अधिकांश क्रियाएँ 7.0 से 7.8 pH परास के बीच काम करती हैं । हम इसी संकीर्ण परास में ही जीवित रह सकते हैं | हमारे रक्त, आँसुओं, लार आदि का pH लगभग 7.4 होता है । यदि यह 7.0 से कम
हो जाता है या 7.8 से बढ़ जाता है तो जीवन असंभव सा हो जाता वर्षा के जल से pH का मान जब 7 से कम होकर 5.6 हो जाता है तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं । अम्लीय वर्षा का जल जब नदियों में बहता है तो नदी के जल का pH मान कम हो जाता है जिस कारण जलीय जीवधारियों का जीवन कठिन हो जाता है ।

(ii) पेड़-पौधों के लिए – पेड़-पौधों की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए मिट्टी के pH परास की विशेषता बनी रहनी चाहिए । यदि यह अधिक अम्लीय या क्षारीय हो जाए, तो उपज पर कुप्रभाव पड़ता है ।

(iii) पाचन-तंत्र – हमारे पेट में HCl उत्पन्न होता रहता है जो हमें बिना हानि पहुँचाए भोजन के पाचन में सहायक होता है। अपच की स्थिति में इसमें अम्ल की मात्रा अधिक बनने लगती है जिस कारण पेट में दर्द और जलन अनुभव होता है । इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए ऐटैसिड जैसे क्षारकों का प्रयोग करना पड़ता । इसके लिए प्राय: मिल्क ऑफ मैग्नीशियम जैसे दुर्बल क्षारक का प्रयोग करना आवश्यक हो जाता है ।

(iv) दंत-क्षय – हमारे मुँह के pH मान 5.5 से कम होने पर दाँतों का क्षय शुरू हो जाता है । हमारे दाँत कैल्सियम फॉस्फेट से बने होते हैं जो शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है । यह जल में नहीं घुलता पर मुँह की pH मान 5.5 से कम होने पर यह नष्ट होने लगता है । मुँह में उपस्थित जीवाणु, अवशिष्ट शर्करा और खाद्य पदार्थों के निम्नीकरण से अम्ल उत्पन्न होते हैं । इनसे छुटकारा पाने के लिए क्षारकीय दंतमंजन का प्रयोग किया जाना चाहिए। इससे अम्ल की अधिकता उदासीन हो जाती है
और दाँत क्षय से रोके जा सकते हैं ।

(v) जीव जंतुओं के डंक से रक्षा जब जीव जंतु कभी डंक मार देते हैं तो वे हमारे शरीर में विशेष प्रकार के अम्ल छोड़ देते हैं। मधुमक्खी भिरंड, चींटी आदि मेथेनॉइक अम्ल हमारे शरीर में डंक के माध्यम से पहुँचा देते हैं।
इससे उत्पन्न पीड़ा से मुक्ति के लिए डंक मारे गये अंग पर बेकिंग सोडा जैसे दुर्बल क्षारक का प्रयोग करना चाहिए ।

(vi) विशेष पौधों से रक्षा नेटल (Nettle) पौधे के पत्तों पर डंकनुमा बाल होते हैं । उन्हें छू जाने से डंक जैसा दर्द होता है। इन बातों से मेथैनॉइक अम्ल का स्राव होता है जो दर्द का कारण बनता है । पारंपरिक तौर पर इस पीड़ा मुक्ति डॉक पौधे की पत्तियों को डंक वाले स्थान पर रगड़कर पाई जाती है ।

प्रश्न 4. ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन होते हैं, लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता है । एक क्रियाकलाप के द्वारा साबित कीजिए ।

उत्तर ⇒ यद्यपि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिकों में हाइड्रोजन होती है पर वे विलयन में आयनीकृत नहीं होते और H+ आयन उत्पन्न नहीं करते । यह इस तथ्य से साबित होता है कि उनके विलयन विद्युत् चालन नहीं करते ।

क्रिया – कलाप – एक बीकर में ऐल्कोहॉल, ग्लूकोज आदि का विलयन लाजए । एक कॉर्क पर दो कील लगाकर कॉर्क को बीकर में रख दीजिए। कीलों को 6 वोल्ट की एक बैटरी के दोनों टर्मिनलों के साथ एक बल्ब और स्विच के माध्यम से जोड़ दीजिए । अब विद्युत धारा प्रवाहित कीजिए । विद्युत् चालन नहीं हुआ ।

प्रश्न 5. क्षारकों / क्षारों के रासायनिक गुण संक्षेप में लिखिए ।

उत्तर ⇒ क्षारकों / क्षारों के महत्त्वपूर्ण रासायनिक गुण निम्न हैं-

(a) धातुओं से क्रिया – क्षार कुछ धातुओं से क्रिया कर H2 गैस उत्पन्न करते हैं ।

(i) Zn + 2NaOH → Na2ZnO2 + H2(g)
सोडियम जिंकेट

(ii) 2Al + 2NaOH + 2H2O – 2NaAlO2 + 3H2
सोडियम एलुमिनेट

(b) वायु से क्रिया – कुछ क्षार वायु में उपस्थित CO2 से क्रिया करते हैं ।

(i) 2NaOH + CO2 → Na2CO3

(ii) 2KOH + CO2 → K2CO3

(c) अन्नों से क्रिया – क्षारक / क्षार अम्लों से क्रिया कर लवण तैयार करते हैं ।

(i) NaOH + HCl → NaCl + H2O

(ii) Fe(OH)2 + 2HCl → FeCl2 + 2H2O

(iii) Ca(OH)2 + 2HCl → CaCl2 + 2H2O

(d) लवणों से क्रिया – तांबा, लोहा,जिंक आदि के लवण क्षारों / क्षारकों से क्रिया करते हैं और अघुलनशील धात्विक हाइड्रॉक्साइड तैयार करते हैं ।

(i) ZnSO4 + 2NaOH → Na2SO4 + Zn(OH)2

(ii) CuSO4 + 2NH4OH → (NH4)2SO4 + Cu(OH)2

(iii) FeCl3 + 3NaOH → 3NaCl + Fe(OH)3

 

Chemistry Acid, Base and Salt Subjective Question Answer 2024

 

प्रश्न 6. चूना कैसे बनाया जाता है ?

उत्तर ⇒ कैल्सियम ऑक्साइड (CaO) ही चूना है जो कि चूने के पत्थर (CaCO3) को गर्म करके बनाया जाता है।
चूने का पत्थर (CaCO3) चूने की भट्टी के ऊपर से डाला जाता है। भट्टी के बीच में उपस्थित अग्नि बक्सों में कोयला जलाकर भट्टी को गर्म किया जाता है । गर्म होने पर चूने के पत्थर का अपघटन होता है और कार्बन डाइऑक्साइड गैस अन्य
गर्म गैसों के साथ ऊपर की ओर बाहर निकल जाती है तथा कैल्सियम ऑक्साइड (चूना) भट्टी के फर्श से एकत्रित कर लिया जाता है ।

चित्र: कैल्सियम ऑक्साइड के निर्माण की भट्टा

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