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Class 10th Hindi Grammar Varn Vichar Subjective and Objective Questions [ हिंदी व्याकरण ] वर्ण विचार सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन
Class 10th Biology Subjective Question Answer 2024 Class 10th Subjective Question

Matric Biology Prakrtik Sansadhanon Ka Prabandhan Subjective Questions [ जीवविज्ञान ] प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन सब्जेक्टिव क्वेश्चन

जीवविज्ञान ( Biology) प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन लघु उत्तरीय सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Biology जीवविज्ञान का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Biology Short Type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th जीवविज्ञान 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Biology Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Biology Prakrtik Sansadhanon Ka Prabandhan Subjective Questions [ जीवविज्ञान ] प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन सब्जेक्टिव क्वेश्चन

प्रश्न 1. भूमिगत जल के किन्हीं दो लाभों का उल्लेख करें

उत्तर ⇒ भूमिगत जल के दो लाभ इस प्रकार हैं –

(i) भूमिगत जल अधिकतम स्वच्छ होता है और इसका प्रयोग सीधे किया जा सकता है।

(ii) भूमिगत जल भूमि के नीचे पाये जाने के कारण इस पर वाष्पीकरण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

प्रश्न 2. वनों की कटाई का वन्य जीवों पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
अथवा, वनों के कटने से क्या हानि होती है ?

उत्तर ⇒ यदि वृक्षों के कटने की दर उनकी वृद्धि से अधिक हो तो वृक्षों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जाएगी। वृक्ष वाष्पण की क्रिया से बड़ी मात्रा में जल मुक्त करते हैं। इससे वर्षा वाले बादल आसानी से बनते हैं। जब वन कम हो जाते हैं तब उस क्षेत्र में वर्षा कम होती है। इससे वृक्ष कम संख्या में उग पाते हैं। इस प्रकार एक दुष्चक्र आरंभ हो जाता है और वह क्षेत्र रेगिस्तान भी बन सकता है। वृक्षों के बहुत अधिक मात्रा में कटने से जैव पदार्थों से समृद्ध मिट्टी की सबसे ऊपरी परत वर्षा के पानी के साथ बहकर लुप्त होने लगती है।

प्रश्न 3. वन संरक्षण हेतु क्या कदम आवश्यक हैं ?
अथवा, हमें वन तथा वन्य जीवन का संरक्षण क्यों करना चाहिए ?

उत्तर ⇒ वनों का संरक्षण निम्नलिखित कारणों से करना चाहिए-

(i) वनों से हमें फल, मेवे, सब्जियाँ तथा औषधियाँ प्राप्त होती हैं।

(ii) हमें वनों से इमारती लकड़ी तथा जलाने वाली लकड़ी (ईंधन) प्राप्त होती है।

(iii) वन पर्यावरण में गैसीय संतुलन बनाने में सहयोग देते हैं।

(iv) वृक्षों के वायवीय भागों से पर्याप्त मात्रा में जल का वाष्पन होता है जोवर्षा के एक स्रोत का कार्य करते हैं।

(v) ये मृदा अपरदन एवं बाढ़ पर नियंत्रण करने में सहायक होते हैं।

(vi) वन वन्य जीवों का आश्रय प्रदान करते हैं

(vii) ये धन प्राप्ति के अच्छे स्रोत हैं।

हमें वन्य जीवों को निम्न कारणों से संरक्षित करना चाहिए-

(i) वन्य प्राणी स्थलीय खाद्य श्रृंखला की निरंतरता के लिए उत्तरदायी है।

(ii) ये प्राणियों की प्रजाति (स्पीशीज) को बनाये रखने में उत्तरदायी हैं जिससेविभिन्न प्रकार की प्रजातियाँ सुरक्षित रह सकें तथा उनका अध्ययन सरलता से किया जा सके ।

(iii) वन्य प्राणियों से हमें अनेक बहुमूल्य उत्पाद; जैसे- ऊन, अस्थियाँ, सींग, दाँत, तेल, वसा तथा त्वचा आदि प्राप्त होती है जिनका उपयोग हम अनेकों उद्देश्यों की पूर्ति के लिए करते हैं ।

प्रश्न 4. जल संरक्षण के कोई दो उपाय लिखिए ।

उत्तर ⇒ जल संरक्षण के उपाय निम्नलिखित हैं-

(i) राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजनाओं द्वारा ।

(ii) वर्षा के जल का हारवेस्टिंग ।

(iii) वाहित मल का उपचार ।

(iv) उर्वरकों का सही उपयोग आदि ।

प्रश्न 5. जैविक आवर्धन क्या है ? क्या पारितंत्र के विभिन्न स्तरों पर जैविक आवर्धन का प्रभाव भी भिन्न होता है ? क्यों ?

उत्तर ⇒ हमारी आहार श्रृंखला में कुछ रासायनिक पदार्थ जो कि अजैव निम्नीकृत होते हैं, मिट्टी के माध्यम से पौधों में प्रवेश कर जाते हैं और हर उस जीव में प्रवेश कर जाते हैं जो पौधों पर आश्रित है । क्योंकि ये पदार्थ अजैव निम्नीकृत है, यह प्रत्येक पोषी स्तर पर उत्तरोत्तर संग्रहित होते जाते हैं और यह ही जैविक आवर्धन कहलाता है . जैविक आवर्धन का प्रभाव आहार श्रृंखला के उपरी भाग में भयावह होता है क्योंकि सबसे अधिक संग्रहित रासायनिक पदार्थ वहीं पहुँचता है क्योंकि मनुष्य आहार श्रृंखला में शीर्षस्थ है। अतः हमारे शरीर में यह रासायन सर्वाधिक मात्रा में संचित होता है ।

प्रश्न 6. अपने प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हेतु पाँच कार्यों का उल्लेख करें।

उत्तर ⇒ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हेतु पाँच कार्य इस प्रकार हैं-

(i) विद्युत उपकरणों का व्यर्थ उपयोग नहीं करना

(ii) रोशनी के लिए CFL’s का प्रयोग करना

(iii) स्कूल आने-जाने के लिए अपने वाहन की जगह सरकारी वाहनों का प्रयोग करना

(iv) नहाने में कम-से-कम पानी का उपयोग करना

(v) पर्यावरण के संरक्षण से संबंधित जागरूकता अभियान में भाग लेना ।

प्रश्न 7. बाघ संरक्षण योजना क्या है ? इसे कब लागू किया गया था ?

उत्तर ⇒ लगातार बाघों की घटती संख्या को ध्यान में रखकर भारत सरकार ने प्रोजेक्ट टाइगर नामक परियोजना की शुरूआत की है। इस सुरक्षा परियोजना के फलस्वरूप लगातार भारतीय वनों में बाघों की संख्या बढ़ती जा रही है। आज बाघों 1 की लगातार बढ़ती संख्या के कारण इन बाधों को एक उचित, विस्तृत वन क्षेत्र नहीं मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में सरकार के लिए वनों के विस्तार और विकास क 1 लिए लगातार प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि इन स्वछंद बाघ को मुक्त स्वतंत्र, | विस्तृत वातावरण मिल सके। बाघ संरक्षण योजना को 1973 ई० में लागू कियागया।

प्रश्न 8. अकेले व्यक्ति के रूप में आप विभिन्न प्राकृतिक उत्पादों की खपत कम करने के लिए क्या कर सकते हैं ?

उत्तर ⇒ प्राकृतिक उत्पादों की खपत कम करने के लिए निम्न उपाय हैं-
(i) विद्युत को कम-से-कम इस्तेमाल कर सकते हैं तथा इसके अपव्यय को रोक सकते हैं।

(ii) तीन ‘Rs’ के नियमों का पालन करके हम प्राकृतिक उत्पादों की खपत कम कर सकते हैं।

(iii) हमें आहार को व्यर्थ नहीं करना चाहिए ।

(iv) जल को व्यर्थ होने से रोकना चाहिए ।

(v) खाना पकाने के लिए भी लकड़ी की जगह गैस का इस्तेमाल करना चाहिए ।

प्रश्न 9. जैव विविधता का क्या आधार है ?

उत्तर ⇒ जैव विविधता का एक आधार उस क्षेत्र में पाई जाने वाली विभिन्न स्पीशीज की संख्या पर है। परंतु जीवों के विभिन्न स्वरूप भी महत्त्वपूर्ण हैं

प्रश्न 10. जल प्रदूषण के मुख्य स्रोत क्या है ?

उत्तर ⇒ जल प्रदूषण के मुख्य स्रोत-गंदे पानी की पाइप, पोखर एवं सीवर आदि हैं

जल प्रदूषण के मुख्य कारण निम्नांकित हैं-

(i) सीवर का पानी नदियों, झरनों व तालाबों में मिलने से

(ii) उद्योगों से

(iii) प्रदूषित जल को साफ करने वाले साधनों से

(iv) भूमि का भराव

(v) पीड़कनाशी

(vi) तेल भंडार के रिसने से अधिक मात्रा में हानिकारक धातुएँ; जैसे – आर्सेनिक, केडमियम, पारा तथा मिलावटी तत्व जैसे क्लोराइड एवं नाइट्रेट्स का जल के ऊपर पाया जाना ।

प्रश्न 11. संयुक्त वानिकी प्रबंधन क्या है ?

उत्तर ⇒ इसका आशय सहभागिता का विकास करना है जो स्थानीय समुदायों तथा जनजातियाँ व वन विभाग के बीच होता है । यह सहभागिता परस्पर विश्वास तथा संयुक्त कार्य एवं उत्तरदायित्व वनों के प्रति परियोजना तथा विकास को निभाने का होता है। संयुक्त वानिकी प्रबंधन के अंतर्गत प्रयोगकर्त्ता तथा स्वामी संसाधनों का प्रबंधन करते हैं तथा व्यय को भी बराबर-बराबर वहन करते हैं।

प्रश्न 12. जल संग्रहण की किसी एक पुरानी और पारस्परिक पद्धति का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ जल संग्रहण की एक पुरानी और पारम्परिक पद्धति है- ‘खादिन’ । यह भारत के राजस्थान राज्य में कृषि के उपयोग हेतु प्रचलित एक पारम्परिक जल संरक्षण की विधि है । खादिन वास्तव में एक लम्बी बाँध संरचना है जिसका निर्माण ढालू कृषि क्षेत्र के आर-पार किया जाता है। वर्षा का जल खादिन में इकट्ठा होता है जिसका उपयोग सिंचाई इत्यादि के लिए किया जाता है ।

प्रश्न 13. कोयला और पेट्रोलियम को किस प्रकार लंबे समय तक बचाया जो सकता है ?

उत्तर ⇒ कोयला पेट्रोलियम का उपयोग मशीनों की दक्षता पर भी निर्भर करता है। यातायात के साधनों में अतिरिक्त दहन इंजन का प्रयोग होता है। लंबे समय तक इसके उपयोग के लिए शोध किया जा रहा है कि इनमें ईंधन का पूर्ण दहन किस प्रकार सुनिश्चित किया जा सकता है। यह भी प्रयत्न किया जा रहा है कि इनकी दक्षता भी बढ़े तथा वायु प्रदूषण को भी कम किया जा सके और इन्हें लंबे समय तब बचाया जा सके।

प्रश्न 14. क्या होगा यदि वायु में CO की मात्रा बढ़ जाए ?

उत्तर ⇒ वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से प्रभाव

(i) फसल पैदावार के क्रम में परिवर्तन ।

(ii) मानसून वर्षा का समय बदल जाएगा।

(iii) हिमपिण्ड (ध्रुवों पर) पिघलने लगेंगे तथा पृथ्वी के निम्न धरातल वाला क्षेत्र बाढ़ के कारण जलमग्न हो जाएगा ।

प्रश्न 15. मृदा प्रदूषण के कारणों का वर्णन कीजिए ।

उत्तर ⇒ कोई भी ऐसा पदार्थ जो भूमि संस्थान में सामान्य या असामान्य रूप उपस्थित होकर भूमि की उपजाऊ क्षमता को प्रभावित करता है, भूमि प्रदूषण कहलाता है । आधुनिक कृषि, उर्वरक आदि प्रदूषण का कारण हैं । बहित मल, CO, की बढ़ती मात्रा, औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ, स्वतः चल निर्वातक, रेडियोधर्मी पदार्थ, कीटाणुनाशक, कवकनाशी आदि अन्य प्रदूषक हैं।

प्रश्न 16. प्राकृतिक संसाधनों के हास में जनसंख्या वृद्धि का कितना हाथ है ?

उत्तर ⇒ जनसंख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ अनेक आवश्यकताएँ भी उभर कर सामने आ रही हैं । इन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्राकृतिक संपदाओं की कमी हो रही है। प्राकृतिक संपदाएँ अधिक मात्रा में होते हुए भी सीमित हैं जबकि जनसंख्या चरम सीमा पर पहुँच गई है। बढ़ती हुई जनसंख्या की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए भी प्राप्त संसाधन सीमित दायरे में हैं। यदि जनसंख्या वृद्धि का यह भूचाल अधिक बढ़ता ही गया तो प्राकृतिक संसाधन से प्राप्त संपदाएं अपना संतुलन बनाए रखने में समर्थ नहीं होंगी

प्रश्न 17. वायु ऊर्जा के क्या-क्या लाभ हैं ?

उत्तर ⇒ वायु ऊर्जा के लाभ निम्न हैं-

(i) वायु ऊर्जा एक गैर-परम्परागत ऊर्जा साधन है ।

(ii) यह एक प्रदूषण रहित ऊर्जा का स्वरूप है ।

(iii) यह दूरगामी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ऊर्जा का स्रोत है ।

(iv) यह विश्वसनीय एवं मूल्य रहित है ।

(v) पवन चक्कियों को खुले स्थानों पर स्थापित किया जा सकता है जो समुद्र के किनारे या उनसे दूर हों ।

प्रश्न 18. ‘ग्रीन हाउस प्रभाव’ से हमारे ऊपर क्या असर पड़ेगा ?

उत्तर ⇒ ‘ग्रीन हाउस प्रभाव’ से हमारे ऊपर निम्नांकित असर पड़ेगा-

(i) अत्यधिक ग्रीन हाउस प्रभाव होने से पृथ्वी की सतह तथा उसके वायुमंडल का ताप बहुत अधिक बढ़ जाएगा । वायुमंडल का ताप अत्यधिक बढ़ जाने से मानव तथा जंतुओं का जीवन कष्टदायक हो जाएगा तथा पेड़-पौधों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा ।

(ii) वायुमंडल का ताप अत्यधिक बढ़ने से पर्वतों की बर्फ शीघ्रता से पिघल जाएगी, जिससे नदियों में बाढ़ आ सकती है तथा जान-माल की हानि हो सकती है 1

(iii) कार्बन डाइऑक्साइड के अणु अवरक्त विकिरणों का शोषण कर सकते | वायुमंडल में CO2 की परत अवरक्त मिश्रण का अवशोषण कर लेती है तथा उन्हें पृथ्वी के पर्यावरण से नहीं जाने देती । फलस्वरूप वायुमंडल का ताप बढ़ जाता है I

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