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Class 10th Biology Subjective Question Answer 2024 Class 10th Subjective Question

Matric Biology Jeev Janan Kaise Harate Hai Subjective Questions 2024 [ जीवविज्ञान ] जीव जनन कैसे करते है सब्जेक्टिव क्वेश्चन

जीवविज्ञान ( Biology) जीव जनन कैसे करते है लघु उत्तरीय सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Biology जीवविज्ञान का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Biology Short Type vvi Subjective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th जीवविज्ञान 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Biology Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Matric Biology Jeev Janan Kaise Harate Hai Subjective Questions 2024 [ जीवविज्ञान ] जीव जनन कैसे करते है सब्जेक्टिव क्वेश्चन

प्रश्न 1. कायिक जनन क्या ?
अथवा, कायिक प्रवर्धन को परिभाषित करें।

उत्तर ⇒ जब पौधों के किसी भी अंग से नया पौधा तैयार हो तो उसे काविक जनन/प्रवर्धन कहते हैं।

प्रश्न 2. परागण क्या है ? पर परागण की परिभाषा दें।

उत्तर ⇒ पुंकेसर के परागकोश से स्त्रीकेसर के वर्तिका पर पराग कणों के स्थानांतरण को परागण कहते हैं। पराग कणों का यह स्थानांतरण जब एक ही फूल
में अथवा एक ही पौधे के दो फूल के बीच होता है तब इसे स्वपरागण कहते हैं । स्वपरागण करनेवाले फूल अधिकतर आभाहीन तथा सफेद होते हैं । जब यह परागण क्रिया एक ही जाति के दो अलग-अलग पौधों के फूलों के बीच होती है तब उसे परपरागण कहते हैं । परपरागण करने वाले फूल अधिकतर रंगीन तथा आकर्षक होते है ।

                           चित्र: परागण

 परपरागण के समय, परागकणों का स्थानांतरण हवा द्वारा, पानी द्वारा अथवा कीटों द्वारा होता है । परागण के फूल में निषेचन क्रिया होती है जिसके उपरांत बीज तथा फल बनते हैं । स्वपरागण को ऑटोगैमी कहते हैं तथा परपरागण को एलोगैमी कहा जाता है ।

 

प्रश्न 3. अपरा (प्लेसेंटा ) क्या है? इसका क्या कार्य है ?

उत्तर ⇒ गर्भस्थ शिशु को माता के शरीर से जोड़नेवाले नाल को अपरा (प्लेसेंटा ) कहते हैं।
कार्य- इसका मुख्य कार्य मादा के शरीर के रक्त को शिशु के शरीर में पहुँचाना है. जिससे शिशु का पोषण, श्वसन, उत्सर्जन आदि क्रियाएँ सम्पन्न होती हैं।

प्रश्न 4. एक प्ररूपी पुष्प के सहायक अंगों का वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ एक प्ररूपी पुष्प में चार प्रकार के अंग होते हैं-

(i) बाह्यदलपुंज,

(ii) दलपुंज,

(iii) पुमंग तथा

(iv) जायांग ।

इनमें से दो बाहरी चक्रों यानी बाह्यदल पुंज एवं दलपुंज को सहायक अंग कहा जाता है। सहायक अंग फूल को आकर्षक बनाने के साथ आवश्यक अंगों की रक्षा भी करते हैं।

प्रश्न 5. गर्भ निरोधन की विभिन्न विधियाँ कौन-सी हैं?

उत्तर ⇒ बच्चों के जन्म को नियमित करने के लिए आवश्यक है कि मादा का निषेचन न हो ।
इसके लिए मुख्य गर्भ निरोधक विधियाँ निम्नलिखित हैं–
(i) रासायनिक विधि – अनेक प्रकार के रासायनिक पदार्थ मादा निषेचन को रोक सकते हैं। स्त्रियों के द्वारा गर्भ निरोधक गोलियाँ प्रयुक्त की जाती हैं। झाग की गोली, जेली, विभिन्न प्रकार की क्रीमें आदि यह कार्य करती हैं ।

(ii) शल्य-पुरुषों में नसबंदी तथा स्त्रियों में भी नसबंदी के द्वारा निषेचन रोका जाता है। पुरुषों की शल्य चिकित्सा में शुक्र वाहिनियों को काटकर बाँध दिया जाता है जिससे वृषण में बनने वाले शुक्राणु बाहर नहीं आ पाते। स्त्रियों में अंडवाहिनी को काटकर बाँध देते हैं जिससे अंडाशय में बने अंडे गर्भाशय में नहीं आ पाते ।

(iii) भौतिक विधि-विभिन्न भौतिक विधियों से शुक्राणुओं को स्त्री के गर्भाशय में जाने से रोक दिया जाता है। लैंगिक संपर्क में निरोध आदि युक्तियों का प्रयोग इसी के अंतर्गत आता है।

प्रश्न 6. परागण किसे कहते हैं ? परागण पर वर्षा होने का क्या प्रभाव पड़ता है ?

उत्तर ⇒ पुंकेसर के परागकोश से स्त्रीकेसर के वर्तिकाग्र पर परागकणों के स्थानांतरण को परागण कहते हैं।
परागकणों का यह स्थानांतरण जब एक ही फूल के अथवा एक ही पौधे के दो फूल के बीच होता है तब इसे स्वपरागण कहते हैं।
स्वपरागण करने वाले फूल अधिकतर सफेद होते हैं। जब परागण क्रिया एक ही जाति के दो अलग-अलग पौधों के फूलों के बीच सम्पन्न होती है तब इसे पर- परागण कहते हैं। पर परागण करने वाले फूल रंगीन तथा चमकदार होते हैं। पर- परागण में परागकणों का स्थानांतरण, कीट द्वारा, हवा द्वारा और पानी द्वारा होता ।। परागण के फलस्वरूप बीज और फल बनते हैं। वर्षा होने पर पर परागण की क्रिया मंद हो जाती है।

प्रश्न 7. द्विखंडन एवं बहुखंडन में दो अंतर लिखें। अथवा, द्विखंडन बहुखंडन से किस प्रकार भिन्न है ?

उत्तर ⇒

 S N        द्विखंडन         बहुखंडन
 1. कोशिका के चारों ओर सिस्ट अथवा रक्षी भित्ति नहीं बनती है। कोशिका के चारों ओर सिस्ट अथवा रक्षी भित्ति बन जाती है।
 2. द्विखंडन में बहुखंडन की तरह की कोई प्रक्रिया नहीं होती है। सिस्ट के भीतर कोशिका का केन्द्रक कई बार खोडत होकर अनेक छोटे- छोटे केन्द्रक बनाता है जो संतति केन्द्रक कहलाते हैं। प्रत्येक संतति केन्द्रक के चारों ओर कुछ कोशिका द्रव्य एकत्रित हो जाता है और उसके चारों ओर पतली झिल्लियाँ बन जाती हैं।
 3. जनक जीव खंडित होकर दो नये को जीवों का जन्म देता है। जब सिस्ट फटती है तब उसमें उपस्थित अनेक संतति कोशिकाएँ निकल आती हैं जो नए जीवों को उत्पन्न करती हैं।

 

 

 

 

प्रश्न 8. पुनर्जनन क्या होता है ?

अथवा, चित्र में दर्शायी गई घटना का संक्षिप्त वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ शरीर के किसी कटे हुए भाग से नए जीव का निर्माण पुनरुद्भवन या पुनर्जनन कहलाता है । चित्र प्लैनेरिया में पुनरुद्भवन को दर्शाता है। इसके अंतर्गत प्लैनेरिया के चाहे जितने टुकड़े हो जायें, प्रत्येक टुकड़ा स्वतंत्र प्लैनेरिया के रूप में विकसित होता है ।

प्रश्न 9. गर्भ निरोधक गोलियों के बारे में बताएँ ।

उत्तर ⇒ कृत्रिम तरीके से विभिन्न रसायनों द्वारा ऐस्ट्रोजेन तथा प्रोजेस्टेरॉन जैसे हॉर्मोन बनाए गए हैं जो गर्भ निरोधक गोलियों के रूप में उपलब्ध हैं। स्त्रियाँ जब इनका सेवन करती हैं तब उनके सामान्य मासिक चक्र बाधित हो जाते हैं तथा अंडोत्सर्ग नहीं हो पाता है। यह जनसंख्या – नियंत्रण की अत्यन्त सुरक्षित और नावी विधि है।

 

Biology Jeev Janan Kaise Harate Hai Subjective Question Answer 2024

 

प्रश्न 10. लैंगिक जनन का क्या महत्त्व है ?

उत्तर ⇒ लैंगिक जनन में संततियाँ, यद्यपि अपने माता-पिता के समान होने पर नी, उनके अथवा एक-दूसरे के समरूप नहीं होती हैं। कारण यह है कि संततियाँ कुछ जीनों को माता से और कुछ को पिता से प्राप्त करती हैं। अनेक विविध संयोजनों माता और पिता के जीनों के मिश्रित होने के कारण, सभी संततियों में आनुवांशिक विधताएँ होती हैं। इस तरह, लैंगिक जनन जीव संख्या में अत्यधिक विविधता को ढ़ावा देता है।

प्रश्न 11. मनुष्य में होनेवाले लैंगिक संचारित रोगों के नाम लिखें।

उत्तर ⇒ लैंगिक जनन संचारित रोग (Sexually Transmitted Disease) : न सम्बन्ध से होनेवाले संक्रामक रोग को कहा जाता है। यह रोग कई तरह के रोगाणुओं; जैसे-बैक्टीरिया, वाइरस, परजीवी प्रोटोजोआ, यीस्ट जैसे सूक्ष्मजीवों द्वारा होते हैं।
मनुष्य में होनेवाले ऐसे प्रमुख रोग निम्नलिखित हैं बैक्टीरिया जनित रोग गोनोरिया, सिफलिस, यूरेथ्राइटिस तथा सर्विसाइटिस बैक्टीरिया के संक्रमण से होनेवाले प्रमुख रोग हैं। वायरस – जनित रोग (Virus Transmitted Disease) : सर्विक्स कैंसर, हर्पिस तथा एड्स इत्यादि ।
प्रोटोजोआ – जनित रोग (Protozoa Transmitted Disease) : स्त्रियों के मूत्रजनन नलिकाओं, एक प्रकार के प्रोटोजोआ के संक्रमण से होनेवाला रोग ट्राइकोमोनिएसिस है।

प्रश्न 12. अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन के क्या लाभ हैं ?
अथवा, अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न विभिन्नताएँ अधिक स्थायी होती हैं, व्याख्या कीजिए ।

उत्तर ⇒ अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन अधिक श्रेष्ठ है ।
इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं-

(i) लैंगिक जनन में शुक्राणु तथा अंडाणु के सांयुजन के कारण DNA द्वारा पैतृक गुण वर्तमान पीढ़ी के सदस्य में हस्तान्तरित हो जाते हैं जो जीवित रहने के लिए अधिक शक्तिशाली होते हैं जबकि अलैंगिक जनन में एकल DNA होने के कारण जीवित रहने की संभावना कम हो जाती है

(ii) लैंगिक जनन में DNA की दोनों प्रतिकृतियों में कुछ न कुछ अंतर अवश्य होते हैं जिनके परिणामस्वरूप नई पीढ़ी के सदस्य जीव में भिन्नता अवश्य दिखाई देती है जबकि अलैंगिक जनन में भिन्नता नहीं दिखाई देती । यदि उसमें किसी कारण से भिन्नता आ जाती है तो जीव की मृत्यु हो जाती है।

(iii) लैंगिक जनन उद्विकास में बहुत सहायक है जबकि अलैंगिक जनन उद्विकास में सहायक नहीं है ।

प्रश्न 13. परागण किसे कहते हैं ? स्वपरागण तथा परपरागण में क्या अंतर है ? कोई चार अंतर लिखें ।

उत्तर ⇒ परागकोष से परागकण के स्त्रीकेसर में स्थानांतरण को परागण कहते हैं।

 S N        स्वपरागण            परपरागण
 1. परागकण उसी फूल के या उसी पौधे के दूसरे फूल के वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैं। परागकण किसी दूसरे पौधे के फूल के वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैं।
 2. 2. परागकणों के नष्ट होने की सम्भावना कम होती है। परागकणों के नष्ट होने की सम्भावना अधिक होती है।
 3. इस क्रिया से उत्पन्न बीज अधिक स्वस्थ नहीं होते । इस क्रिया से उत्पन्न बीज अधिक स्वस्थ होते हैं।
 4. इस क्रिया से नई जातियाँ उत्पन्न नहीं होतीं। इस क्रिया से नई जातियाँ उत्पन्न होती हैं।

 

प्रश्न 14. मानव नर जनन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइए ।

उत्तर ⇒

            चित्र: मानव का जनन तंत्र

         

प्रश्न 15. गर्भनिरोधक युक्तियाँ अपनाने के क्या कारण हो सकते हैं ?

उत्तर ⇒ गर्भनिरोधक युक्तियाँ मुख्य रूप से गर्भ रोकने के लिए ही अपनाई जाती हैं। इनसे बच्चों की आयु में अंतर बढ़ाने में भी सहयोग लिया जा सकता है। कंडोम के प्रयोग में यौन संबंधी कुछ रोगों के संक्रमण से भी बचा जा सकता है

प्रश्न 16. DNA प्रतिकृति का प्रजनन में क्या महत्त्व है
अथवा, DNA की प्रतिकृति बनाना जनन के लिए आवश्यक क्यों

उत्तर ⇒ DNA गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं जो कोशिका के केन्द्रक में उपस्थित होते हैं। ये जनन की विशेष सूचना को धारण करनेवाली प्रोटीन के निर्माण के लिए उत्तरदायी होते हैं । प्रत्येक प्रकार की सूचना के लिए विशिष्ट प्रकार की प्रोटीन उत्तरदायी होती है। DNA के अणुओं में आनुवंशिक गुणों का संदेश होता है जो जनक से संतति पीढ़ी में जाता है

प्रश्न 17. पुष्प की अनुदैर्घ्य काट का नामांकित चित्र बनाइए ।
उत्तर ⇒

 

प्रश्न 18. एककोशिक एवं बहुकोशिक जीवों की जनन-पद्धति में क्या अंतर है ?

उत्तर ⇒ एक कोशिक प्रायः विखंडन मुकुलन, पुनरुद्भवन, बहुखंडन आदि विधियों से जनन करते हैं। उनमें केवल एक ही कोशिका होती है । वे सरलता कोशिका विभाजन के द्वारा तेजी से जनन कर सकते हैं । बहुकोशिक जीवों में जनन क्रिया जटिल होती है और वह मुख्य रूप से लैंगिक जनन क्रिया ही होती है ।

प्रश्न 19. ऋतुस्राव क्यों होता है ?

उत्तर ⇒ यदि नारी शरीर में निषेचन नहीं हो, तो अंड कोशिका लगभग एक दिन तक जीवित रहती है। अंडाशय हर महीने एक अंड का मन करता है और निषेचित अंड की प्राप्ति हेतु गर्भाशय भी हर महीने तैयारी करता है । इसलिए, इसकी अंतः भित्ति मांसल एवं स्पोंजी हो जाती है। यह अंड के निषेचन होने की अवस्था में उसके पोषण के लिए आवश्यक है । लेकिन निषेचन न होने की अवस्था में इस पर्त की भी आवश्यकता नहीं रहती । इसलिए यह पर्त धीरे-धीरे टूटकर योनि मार्ग में रुधिर एवं म्यूकस के रूप में बाहर निकल जाती है। इस वक्र में लगभग एक मास का समय लगता है । इसे ऋतुसाव अथवा रजोधर्म कहते हैं । इसकी अवधि लगभग 2 से 8 दिनों की होती है ।

प्रश्न 20. मुकुलन क्या है ?

उत्तर ⇒ शरीर पर एक ऊर्ध्व संरचना बनती है जिसे मुकुलन कहते हैं । शरीर का केन्द्रक दो भागों में विभक्त हो जाता है और उनमें से एक केन्द्रक मुकुलन पैतृक जीव से अलग होकर वृद्धि करता है और पूर्ण विकसित जीव बन जाता है । जैसे यीस्ट, हाइड्रा तथा ल्यूकोसोलिनिया (स्पंज ) आदि ।

प्रश्न 21. जनन कितने प्रकार का होता है ?

उत्तर ⇒ सजीव में जनन दो प्रकार से होता

(i) अलैंगिक जनन – अलैंगिक जनन के लिए नर एवं मादा के जनन अंगों का कोई उपयोग नहीं होता है। अतः, एकल जीव प्रायः अलैंगिक जनन ही करते हैं।

अलैंगिक जनन निम्न प्रकार के होते हैं –

(i) विखंडन

(ii) मुकुलन

(iii) जीवाणु जनन

(iv) पुनर्जनन 

(v) कायिक प्रवर्धन 

(ii) लैंगिक जनन – लैंगिक जनन के लिए नर एवं मादा जनन अंगों का पारस्परिक सम्मिलन आवश्यक होता है। अतः इसके लिए किसी जाति के दो व्यक्तियों (एक नर एक मादा) की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 22. हम अपने माता-पिता के समान क्यों होते हैं ?

उत्तर ⇒ 1902 ई० में सटन और बॉवेरी नामक वैज्ञानिकों ने स्वतंत्र रूप से आनुवंशिकी के गुणसूत्र सिद्धांत का प्रतिपादन किया। इस सिद्धांत के अनुसार-
मेंडल ने आनुवंशिकता के लिए जिन कारकों को उत्तरदायी बताया था वे जीन हैं जो गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं। गुणसूत्रों का ही पृथक्करण होता है और उन्हीं का स्वतंत्र अपव्यूहन होता है। स्वतंत्र अपव्यूहन की घटना अर्द्धसूत्री कोशिका विभाजन के समय घटित होती है।
अर्द्धसूत्री कोशिका विभाजन के समय गुणसूत्रों का क्रॉसिंग ओवर होता है। उसी समय जब काइएज्मा बनता है तब जीनों की अदला-बदली और पुनर्योजन होता है । जीन जोड़ों में गुणसूत्रों से संयुक्त होते हैं। परन्तु, अर्द्धसूत्रण के समय अलग हो सकते हैं। इस प्रकार गुणसूत्र ही आनुवंशिकता के लिए उतरदायी होते हैं। इसीलिए हम अपने माता-पिता के समान होते हैं।

 

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प्रश्न 23. नर जनन तथा मादा जनन हॉर्मोनों के नाम तथा कार्य लिखें।

उत्तर ⇒ नर-जनन हॉर्मोन के नाम-टेस्टोस्टेरॉन

टेस्टोस्टेरॉन के कार्य – शुक्राणुओं का निर्माण
मादा जनन हॉर्मोन के नाम एस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्टरॉन

एस्ट्रोजन के कार्य — द्वितीय लैंगिक लक्षणों का विकास एवं जनन शक्ति का
विकास
प्रोजेस्टरॉन के कार्य-भ्रूण के विकास में सहायक, भ्रूण के पोषण में सहायक ।

प्रश्न 24. गुणसूत्र का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए ।

उत्तर ⇒

प्रश्न 25 पौधों में द्विनिषेचन का वर्णन कीजिए ।

उत्तर ⇒ परागकण वर्तिकाग्र पर गिरकर फूल जाते हैं। इनसे परागनलिका निकलती है जिसमें 3 नर युग्मक होते हैं। नर तथा मादा युग्मक का संयोग ही

       

              चित्र वर्तिकाग्र पर परागकणों पर अंकुरण

निषेचन है। इसके बाद युग्मनज बनता है। यह द्विगुणित होता है। दूसरा नर युग्मक द्वितीय केन्द्रक के साथ मिलकर त्रिगुणित केन्द्रक बनाता है। यह क्रिया त्रिसमेकन कहलाती है। चूँकि निषेचन दो बार होता है, अतः इसे द्विनिषेचन कहते हैं। द्विनिषेचन का वर्णन सर्वप्रथम नावासचिन (1898) ने किया था।

प्रश्न 26. एक-लिंगी और द्विलिंगी जीव की परिभाषा एक-एक उदाहरण के साथ दीजिए।

उत्तर ⇒ एकलिंगी जीव- जिस जीव में नर और मादा अलग-अलग होते हैं उसे एकलिंगी जीव कहते हैं। उदाहरण- मनुष्य ।
द्विलिंगी जीव-जिस जीव में नर और मादा दोनों उपस्थित होते हैं उसे द्विलिंगी जीव कहते हैं। उदाहरण-केंचुआ ।

प्रश्न 27. लैंगिक तथा अलैंगिक जनन में कोई पाँच अन्तर लिखें।

उत्तर ⇒

S N           लैंगिक जनन           अलैंगिक जनन
 1. लैंगिक जनन में नर और मादा दोनों की आवश्यकता पड़ती है। अलैंगिक जनन में नर तथा मादा दोनों की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
 2. उच्च स्तर के प्राणियों में ही इस प्रकार का जनन होता है। यह निम्न श्रेणी के जीवों में होता है।
 3. लैंगिक जनन में निषेचन क्रिया के बाद जीवों का निर्माण होता होता है। अलैंगिक जनन में निषेचन क्रिया नहीं होती है।
 4. इस जनन द्वारा उत्पन्न संतान में नये-नये गुण विकसित हो सकते हैं इस विधि द्वारा उत्पन्न संतान में नये गुण नहीं आ सकते हैं।
 5. लैंगिक जनन में बीजाणु उत्पन्न नहीं होते हैं। इस क्रिया में एक कोशिकीय बीजाणु उत्पन्न हो सकते हैं।

प्रश्न 28. परागण क्रिया निषेचन से किस प्रकार भिन्न है ?

उत्तर ⇒

 S N                 परागण                      निषेचन
 1. वह क्रिया जिसमें परागकण स्त्री केसर के वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं, परागण कहलाती है। वह क्रिया जिसमें नर युग्मक और मादा युग्मक मिलकर युग्मनज बनाते हैं, निषेचन कहलाती है।
 2. यह जनन क्रिया का प्रथम चरण है यह जनन क्रिया का दूसरा चरण है।
 3. परागण क्रिया दो प्रकार की होती है-स्व-परागण और पर-परागण । निषेचन क्रिया भी दो प्रकार की होती है-बाह्य निषेचन एवं आंतरिक निषेचन ।

परागकणों के वर्तिकाग्र पर स्थानान्तरणा (शुक्राणु) क मादा युग्मक (अंडाणु) के साथ संयोजन को निषेचन कहते हैं।

प्रश्न 29. हाइड्रा में मुकुलन को चित्र द्वारा दिखाएँ ।

उत्तर ⇒

                  चित्र: हाइड्रा में मुकुलन द्वारा प्रजनन

प्रश्न 30. वर्षा होने के समय मक्का के परागण क्रिया में क्या-क्या प्रभाव पड़ सकता है ?

उत्तर ⇒ मक्का के पौधों में वायु परागण होता है। मक्का के पौधों में नर पुष्प एक मंजरी के रूप में शिखर पर लगते हैं जबकि मादा पुष्प पत्ती की कक्षा में नीचे की तरफ लगते हैं । वर्षा के समय परागकण भींग जाएँगे, जिससे वे वर्तिकाग्र तक नहीं पहुँच पाएँगे ।

प्रश्न 31. बीजाणु द्वारा जनन से जीव किस प्रकार लाभान्वित होता है ?

उत्तर ⇒ बीजाणु द्वारा जनन से जीव लाभान्वित होता है, क्योंकि बीजाणु के चारों ओर एक मोटी भित्ति होती है जो प्रतिकूल परिस्थितियों में उसकी रक्षा करती है, और नम सतह के संपर्क में आने पर वह वृद्धि करने लगती है ।

प्रश्न 32. शुक्राशय एवं प्रोस्टेट ग्रंथि की क्या भूमिका है ?

उत्तर ⇒ शुक्राशय एवं प्रोस्टेट ग्रंथि अपना स्राव शुक्र वाहिका में डालते हैं जिससे शुक्राणु एक तरल माध्यम में आ जाते हैं । इसके कारण इनका स्थानांतरण सरलता से होता है। साथ ही, यह स्राव उन्हें पोषण भी प्रदान करता है ।

प्रश्न 33. जनन किसी स्पीशीज की समष्टि के स्थायित्व में किस प्रकार सहायक है ?

उत्तर ⇒ किसी भी स्पीशीज की समष्टि के स्थायित्व में जनन और मृत्यु का बराबर का महत्त्व है । यदि जनन और मृत्य – दर में लगभग बराबरी की दर हो तो स्थायित्व बना रहता है। एक समष्टि में जन्म-दर और मृत्यु-दर ही उसके आधार का निर्धारण करते हैं ।

प्रश्न 34. माँ के शरीर में गर्भस्थ भ्रूण को पोषण किस प्रकार प्राप्त होता है ?

उत्तर ⇒ गर्भस्थ भ्रूण को माँ के रुधिर से पोषण प्राप्त होता है। इसके लिए प्लेसेंटा की संरचना प्रकृति के द्वारा की गई है । यह एक तश्तरीनुमा संरचना है जो गर्भाशय की भित्ति में धँसी होती है । इसमें भ्रूण की ओर से ऊतक के प्रवर्ध होते । माँ के ऊतकों में रक्त स्थान होते हैं जो प्रवर्ध को ढाँपते हैं । ये माँ से भ्रूण को ग्लूकोज, ऑक्सीजन और अन्य पदार्थ प्रदान करते हैं ।

प्रश्न 35. मानव में वृषण के क्या कार्य हैं ?

उत्तर ⇒ मानव के शरीर में वृषण संख्या में दो होते हैं जो शरीर के बाहर त्वचा की एक थैली, वृषण कोष में स्थित होते हैं ।
वृषण के निम्नलिखित कार्य हैं-
(i) वृषण में शुक्राणु उत्पन्न होते हैं जो लैंगिक जनन क्रिया में सक्रिय भाग लेकर भावी पीढ़ी को जन्म देने में सहायक होते हैं ।
(ii) वृषण में टैस्टोस्टीरोन नामक हार्मोन उत्पन्न होता है जो मानव शरीर में द्वितीयक जनन लक्षणों को स्थापित करने के लिए उत्तरदायी होता है

प्रश्न 36. कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का उपयोग क्यों किया जाता है ?

उत्तर ⇒ कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का उपयोग किया जाता है क्योंकि— हैं ?

(i) कुछ पौधे बीजरहित होते हैं अथवा लम्बी सुषुप्तावस्था में बीज उत्पन्न करते हैं ।

(ii) आनुवांशिक गुण जनन संतति में कायम रहते हैं ।

(iii) कुछ पौधों का विकास तीव्र गति से किया जाता है।

प्रश्न 37. यौवनारंभ के समय लड़कियों में कौन-से परिवर्तन दिखाई देते

उत्तर ⇒ यौवनारंभ के समय लड़कियों में निम्न परिवर्तन दिखाई देते हैं….

(i) शरीर के कुछ नए भागों; जैसे- काँख और जाँघों के मध्य जननांगी क्षेत्र में बाल गुच्छ निकल आते हैं।

(ii) हाथ, पैर पर महीन रोम आ जाते हैं।

(iii) त्वचा तैलीय हो जाती है। कभी-कभी मुहाँसे निकल आते हैं ।

(iv) वक्ष के आकार में वृद्धि होने लगती है ।

(v) स्तनाग्र की त्वचा का रंग गहरा होने लगता है।

(vi) रजोधर्म होने लगता है।

 

Bihar Board 10th Biology Subjective Question Answer

प्रश्न 38. क्या आप कुछ कारण सोच सकते हैं जिससे पता चलता हो कि जटिल संरचना वाले जीव पुनरुद्भवन द्वारा नई संतति उत्पन्न नहीं कर सकते ?

उत्तर ⇒ जटिल संरचना वाले जीव पुनरुद्भवन द्वारा नई संतति उत्पन्न नहीं कर सकते, क्योंकि अधिकतर बहुकोशिक जीव विभिन्न कोशिकाओं समूह मात्र ही नहीं हैं। विशेष कार्य हेतु विशिष्ट कोशिकाएँ संगठित होकर ऊतक का निर्माण करती हैं तथा ऊतक संगठित होकर अंग बनाते हैं, शरीर में इनकी स्थिति भी निश्चित होती हैं। ऐसी सजग व्यवस्थित परिस्थिति में कोशिका – दर – कोशिका विभाजन अव्यवहारिक है ।

प्रश्न 39. जंतु परागणं क्या है ?

उत्तर ⇒ जंतु परागण में कीट, गिलहरी, चिड़िया, बन्दर व हाथी सहायक होते हैं । परागकण जन्तुओं के पैरों में चिपक जाते हैं तथा दूसरे पुष्पों तथा पहुँच जाते हैं।

प्रश्न 40. कंडोम क्या है ?

उत्तर ⇒ यह परिवार नियोजन का एक साधन है । पुरुष द्वारा इसका उपयोग करने से शुक्राणु मादा के गर्भाशय में नहीं पहुँच पाते जिससे गर्भधारण की कोई संभावना नहीं होती ।

प्रश्न 41. पैरामीशियम में अलैंगिक जनन का संक्षिप्त वर्णन करें ।

उत्तर ⇒ यह एमाइटोसिस द्वारा होता है तथा कोई युग्मक भाग नहीं लेते हैं । पैरामीशियम में अलैंगिक जनन अनुप्रस्थ द्विखण्डन द्वारा होता है । यह अनुकूल दशाओं में होता है । एक पैरामीशियम से दो पुत्री पैरामीशियम बन जाते हैं ।

प्रश्न 42. मीनार्की तथा रजोनिवृत्ति में अंतर स्पष्टं करें।

उत्तर ⇒

 S N               मीनार्की                  रजोनिवृत्ति
 1. स्त्री में रजोधर्म का प्रारम्भ मीनार्की है। स्त्री में रजोधर्म का बंद होना रजोनिवृत्ति है ।
 2. यह 11-13 वर्ष की आयु में होता है यह 40-50 वर्ष की आयु में होता है ।

प्रश्न 43. लैंगिक जनन का क्या अर्थ है ? इसकी क्या शर्त है ?

उत्तर ⇒ लैंगिक जनन एक कोशिकीय तथा बहुकोशिकीय दोनों जीवों में होता है, लेकिन कुछ पौधे तथा जंतुओं में, जैसे- केंचुआ, हाइड्रा में एक ही जीव नर तथा मादा दोनों युग्मकों को उत्पन्न करता है। ऐसे जीवों को उभयलिंगी या द्विलिंगी जीव कहते हैं। लैंगिक जनन में जीव की लिंग कोशिकाएँ या युग्मक अर्धसूत्री कोशिका विभाजन द्वारा बनते हैं । ये अगुणित होते हैं ।

प्रश्न 44. पौधों में लैंगिक जनन कैसे होता है ?

उत्तर ⇒ एंजिओस्पर्मस (पुष्पी पौधे) में अधिकांश पुष्प द्विलिंगी होते हैं । इनमें दोनों प्रकार के जननांग होते हैं। पुमंग को नर जननांग या जायांग तथा कारपल को मादा जननांग कहते हैं । पुमंग में पराग कण बनते हैं जिसे माइक्रोस्पोर भी कहते हैं । जायांग में बीजाण्ड या मेगास्पोर बनते हैं । ये अर्धसूत्री विभाजन द्वारा बनते हैं । इनके निषेचन के बाद फल तथा बीज बनते हैं। बीज के अंकुरण के बाद नन्हा पौधा बनता है ।

प्रश्न 45. जंतुओं में निषेचन के महत्त्व को समझाइए ।.

उत्तर ⇒ निषेचन का महत्त्व निम्नलिखित हैं-

(i) शुक्राणु का प्रवेश अण्डाणु को सक्रिय करता है ।

(ii) इनके संयोग से युग्मनज बनता है ।

(iii) इनके संयोग से जीव में गुणसूत्रों की संख्या द्विगुणित अर्थात् पैतृकों के समान हो जाती है ।

(iv) संतानों में विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं ।

प्रश्न 46. संतति में नर एवं मादा जनकों द्वारा आनुवंशिक योगदान में बराबर की भागीदारी किस प्रकार सुनिश्चित की जाती है ।

उत्तर ⇒ निषेचन प्रक्रम के दौरान शुक्राणु एवं अंडाणु का संलयन होता है । दोनों में समान गुणसूत्र होते हैं । समसूत्रण के समय गुणसूत्रों की संख्या नर और मादा के गुणसूत्रों के सम्मिलन के कारण दुगुनी हो सकती है । परन्तु, अर्धसूत्रण के कारण उनकी यह संख्या आधी हो जाती है। इस प्रकार संततियों में जनकों के समान ही गुणसूत्र रहते हैं । इस प्रकार आनुवंशिक योगदान में नर एवं मादा की साझेदारी समान होती है ।

प्रश्न 47. वीस्ट में मुकुलन के विभिन्न पदों का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ यीस्ट में कलिकोत्सदन या मुकुलन एक कोशिकीय फफूँदी में कलिका द्वारा जनन होता है। पहले एक उभार बनता है तथा फिर केन्द्रक का दो भागों में विभाजन होता है । परिमाप में वृद्धि होती है तथा उसके ऊपर पुनः द्वारा एक शृंखला बन जाती है

प्रश्न 48 पौधे में लैंगिक जनन की व्याख्या कीजिए ।

उत्तर ⇒ फूल, पौधे का जनन अंग होता है। फूल के नर भागों को पुंकेसर तथा मादा भाग को स्त्रीकेसर कहते हैं। पुंकेसर के परागकोषों में परागकण होते हैं । परागकण नर युग्मक बनाते हैं

स्त्रीकेसर के तीन भाग होते हैं-

(i) वर्तिकाग्र

(ii) वर्तिका तथा

(iii) अण्डाशय 

स्त्रीकेसर के आधार वाले चौड़े भाग में अण्डाणु होते हैं । अण्डाणु में बीजाण्ड होते हैं जो मादा युग्मक
मादा युग्मक बनाते हैं। पुंकेसर के परागकोश में परागकणों का स्त्रीकेसर के अग्रभाग जिसे वर्तिकाग्र कहते हैं, पर पहुँचना परागण कहलाता है । परागण के बाद परागकण से एक परागनली निकलती है। परागनली में दो नर युग्मक होते हैं । इनमें से एक नर युग्मक पराग नली में से होता हुआ बीजांड तक पहुँच जाता है । यह बीजांड के साथ संलयित हो जाता है जिससे एक युग्मनज बनता है। ऐसे संलयन को निषेचन कहते हैं । युग्मनज माइटोटिक विधि द्वारा कई बार विभाजित होता है जिससे अंततः एक नया पौधा बन जाता है ।

 

Biology Jeev Janan Kaise Harate Hai Subjective Question Answer 2024

 

प्रश्न 49 परागण से लेकर पौधे में बीज बनने तक सभी अवस्थाएँ लिखिए ।

उत्तर ⇒ परागकोश में परागकण परिपक्व होने के बाद हवा, पानी या कीटों द्वारा स्त्रीकेसर के वर्तिकान पर पहुँच जाते हैं । इस प्रक्रिया को परागण कहते हैं । परागण के बाद परागकण से एक परागनली निकलती है। परागनली में दो नर युग्मक होते हैं। इनमें से एक नर युग्मक पराग नली में होता हुआ बीजांड तक पहुँच जाता है यह बीजाण्ड के साथ संलयन हो जाता है जिससे युग्मनज बनता है। ऐसे संलयन को निषेचन कहते हैं ।
युग्मनज माइटोटिक विधि द्वारा कई बार विभाजित होता है । निषेचन के बाद फूल के पंखुड़ी, पुंकेसर, वर्तिका तथा वर्तिकाग्र गिर जाते हैं । बाह्य दल सूख जाता है और अंडाशय पर लगा रहता है। अंडाशय शीघ्रता से वृद्धि करता है और इसमें स्थित कोशिकायें कई बार विभाजित होकर वृद्धि करती हैं और बीज का बनना आरम्भ हो जाता है। बीज में एक नन्हा पौधा अथवा भ्रूण होता है

प्रश्न 50. बाह्य निषेचन तथा आंतरिक निषेचन का क्या अर्थ है ? संभोग अंग क्या होते हैं ?

उत्तर ⇒ बाह्य निषेचन : जब नर तथा मादा युग्मकों का संलयन मादा के शरीर के बाहर होता है तो इस संलयन को बाह्य निषेचन कहते हैं। जैसे- मेंढक में नर तथा मादा दोनों जीव संभोग करते हैं और अपने-अपने युग्मकों को पानी में छोड़ देते हैं, शुक्राणु अंडों को पानी में ही निषेचित करता है
बाह्य निषेचन में अंडाणुओं की आंतरिक सुरक्षा की अनुपस्थिति के कारण नष्ट होने के अवसर अधिक होते हैं, इसलिये इस बात की निश्चितता के लिए कुछ अंडाणु निषेचित हो सकें, मादा अधिक अंडाणु उत्पन्न करती है आंतरिक निषेचन : बहुत-से जीवों, जैसे- कुत्ता, बिल्ली, गाय, कीट, मनुष्य, सरीसृप, पक्षी तथा स्तनधारियों आदि में नर अपने शुक्राणुओं को मादा के शरीर के अन्दर छोड़ते हैं। शुक्राणु अंडों को मादा के शरीर के अन्दर ही निषेचित करते हैं। ऐसे निषेचन को आंतरिक निषेचन कहते हैं। शुक्राणु (वृषण से) मादा के अण्डाशय से निकले अण्डाणु से संयोग करते हैं। मादा के शरीर में निषेचन होता है। शुक्राणु स्थानान्तरण का कार्य संभोग कहलाता है। इससे सम्बन्धित अंग संभोग अंग होते हैं ।

प्रश्न 51. मनुष्य में निषेचन क्रिया का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ मनुष्य में आंतरिक निषेचन होता है। नर युग्मक (शुक्राण) मादा की देह में मैथुन क्रिया द्वारा पहुँचता है। इस हेतु मैथुन अंग होते हैं। शुक्राणु अत्यन्त सक्रिय तथा सचल होता है। मादा की योनि में लाखों शुक्राणु प्रवेश करते हैं तथा वे सर्विक्स एवं गर्भाशय की ओर भ्रमण करते हैं। अंत में फैलीपियन नलिका में केवल एक शुक्राणु द्वारा अंडाणु का समगाम होता है। इसके पश्चात् मासिक धर्म बन्द हो जाता है।

प्रश्न 52. ऊतक संवर्धन को परिभाषित कीजिए ।

उत्तर ⇒ इस विधि में पौधे के ऊतक के एक छोटे-से भाग को काट लेते हैं इस ऊतक को उचित परिस्थितियों में पोषक माध्यम में रखते हैं । ऊतक से एक अनियिमित ऊर्ध्व – सा बन जाता है लिये कैलस कहते हैं। कैलस का उपयोग पुन:

चित्र: ऊतक संवर्धन
गुणन में किया जाता है। इस ऊतक का छोटा-सा भाग किसी अन्य माध्यम में रखते हैं जो पौधे में विभेदन की प्रक्रिया को उत्तेजित करता है । इस पौधे को गमलों या भूमि में लगा दिया जाता है और उनको परिपक्व होने तक वृद्धि करने दिया जाता है। ऊतक संवर्धन से आजकल ऑर्किड, गुलदाउदी, शतावरी तथा बहुत-से अन्य पौधे तैयार किये जाते हैं ।

प्रश्न 53. चित्र का निरीक्षण कर इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दें :

(a) चित्र क्या दर्शाता है ?

(b) चित्र में प्रदर्शित घटना का विवरण प्रस्तुत करें।

उत्तर ⇒ (a) अमीबा में अलैंगिक जनन द्विखण्डन

(b) द्विखण्डन का विवरण सर्वप्रथम केन्द्रक का विभाजन प्रारंभ हो जाता है। समसूत्रण विधि द्वारा समान गुणसूत्र विपरीत ध्रुवों पर जमा होते हैं। प्लाज्मा झिल्ली बीच में अंदर की ओर धँसती है तथा एक कोशिका दो भागों में

 

 

 

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