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Class 10th Hindi Grammar Varn Vichar Subjective and Objective Questions [ हिंदी व्याकरण ] वर्ण विचार सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन
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Class 10th Hindi Grammar kaarak Subjective and Objective Questions [ हिंदी व्याकरण ] कारक सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन

हिंदी व्याकरण ( Hindi Grammar ) कारक सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024:- हैलो दोस्तो अगर आप मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए तैयारी कर रहे है तो यहां पर क्लास 10th Hindi Grammar हिंदी व्याकरण का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Class 10th Hindi Grammar Subjective and Objective Question Answer ) दिया गया है यहां पर क्लास 10th हिंदी व्याकरण 2024 का मॉडल पेपर ( Class 10th Hindi Grammar Model Paper ) तथा ऑनलाइन टेस्ट ( Online Test ) भी दिया गया है और
PDF डाउनलोड कर के भी पढ़ सकते हैं । और आप मैट्रिक के फाइनल एग्जाम में अच्छा मार्क्स ला सकते हैं और अपने भाविष्य को उज्वल बना सकते है धन्यवाद –

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Class 10th Hindi Grammar kaarak Subjective and Objective Questions [ हिंदी व्याकरण ] कारक सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन

 

1.कारक – वाक्य में क्रिया से संज्ञा या सर्वनाम के सम्बन्ध को कारक कहा जाता है । जैसे – ‘कृष्ण ने पाण्डवों से कौरवों का नाश करवा दिया ।’
कारक के मुख्य भेद आठ माने जाते हैं –

कर्त्ता कारक – क्रिया के करने वाले को कर्त्ता कहते हैं । अतः, जिस संज्ञा या सर्वनाम शब्द से क्रिया करने वाले का पता चले, उसे कर्त्ता कारक कहते हैं । जैसे- लड़का खेल रहा है। सूर्य चमकता है ।

कर्म कारक – जिस पदार्थ पर कर्त्ता की क्रिया का फल पड़े, उसे कर्म कारक कहते हैं । जैसे ‘ राम ने श्याम को पीटा’ – इस वाक्य में कर्त्ता ‘राम’ की क्रिया पीटना’ का फल श्याम पर पड़ता है अर्थात् यहाँ श्याम पीटा जाता है, अत: ‘श्याम को कर्म कहा जायेगा ।

करण कारक – करण साधनरूप कारक होता है । अतः, जिस शब्द की सहायता से क्रिया का व्यापार होता है, उसे करण कारक कहते हैं । इसकी विभक्ति ‘से’, ‘द्वारा’, ‘के द्वारा’ या ‘के साथ’ है । जैसे – मोहन चाकू से फल काट रहा मोहन ने यह किताब नौकर द्वारा भिजवाई है ।

सम्प्रदान कारक – जिसके लिए क्रिया की जाती है या जिसे कुछ दिया जाता है, उसे संप्रदान कारक कहते हैं । संप्रदान के परसर्ग हैं – के लिए, के वास्ते, के हेतु, को आदि । जैसे – राम ने राजीव को गाय दी। इस वाक्य में ‘राजीव को’ सम्प्रदान कारक है, क्योंकि गाय उसी के लिए दी गयी है ।

अपादान कारक – संज्ञा तथा सर्वनाम के जिस रूप से उससे किसी का अलग होना, डरना, उत्पन्न होना आदि पता चले, उसे अपादान कारक कहते हैं । जैसे – वृक्ष से पत्ता गिरता है । यहाँ ‘वृक्ष से’ अपादान कारक है । हम लखनऊ से आए हैं ।

सम्बन्ध कारक – जिस संज्ञा या सर्वनाम से किसी दूसरे शब्द का सम्बन्ध या लगाव जान पड़े, उसे सम्बन्ध कारक कहते हैं। जैसे राम की गाय चरती है । यहाँ ‘राम की गाय’ में ‘गाय’ का सम्बन्ध ‘राम’ से है, अतः ‘राम की’ को सम्बन्ध कारक कहा जायेगा ।

अधिकरण कारक क्रिया के आधार को सूचित करनेवाली संज्ञा या सर्वनाम को अधिकरण कारक कहते हैं ।

1. कभी – कभी ‘में’ के अर्थ में ‘पर’ और ‘पर’ के अर्थ में ‘में’ का प्रयोग होता है । जैसे तुम्हारे घर पर चार आदमी हैं – घर में । दूकान पर कोई नहीं था = दूकान में । नाव जल में तैरती है – जल पर ।

2. कभी – कभी अधिकरण कारक की विभक्तियों का लोप भी हो जाता है । जैसे वह संध्या समय गंगा किनारे जाता है ।

सम्बोधन कारक – संज्ञा के जिस रूप से किसी को बुलाया, पुकारा या सम्बोधित किया जाए, उसे सम्बोधन कारक कहते हैं । जैसे – हे प्रभु! मेरा उद्धार करो । यहाँ ‘हे प्रभु !’ सम्बोधन कारक है ।

कर्त्ता के ‘ने’ चिह्न का प्रयोगकर्ता के ‘ने’ चिह्न का प्रयोग निम्नलिखित स्थितियों में होता है –

1. सामान्य, आसन्न, पूर्ण और संदिग्ध भूतकालों की क्रियाओं में कर्त्ता के ‘ने’ चिह्न का प्रयोग होता है । जैसे – राम ने रोटी खाई । श्याम ने भात खाया है। रंजन ने पढ़ा होगा आदि ।

2. जब ‘संयुक्त क्रिया’ के दोनों खण्ड सकर्मक हों, तो ‘अपूर्णभूत’ और ‘हेतुहेतुमद् भूत’ को छोड़कर शेष सभी भूत कालों में ‘ने’ चिह्न का प्रयोग होता है । जैसे – श्याम ने उत्तर बता दिया । दमन ने खाना खा लिया ।

3. सामान्यतः अकर्मक क्रिया में ‘ने’ अकर्मक क्रियाएँ हैं। जैसे- नहाना, छींकना, विभक्ति नहीं लगती, किन्तु कुछ ऐसी थूकना, खाँसना। जिनमें ‘ने’ चिह्न का प्रयोग अपवादस्वरूप होता है । इन क्रियाओं के बाद कर्म नहीं आता । जैसे – उसने थूका । राम ने छींका । उसने खाँसा ।

4. जब अकर्मक क्रिया सकर्मक बन जाय तब ‘ने’ का प्रयोग होता है, अन्यथा नहीं । जैसे उसने टेढी चाल चली । उसने लडाई लडी ।

5. प्रेरणार्थक क्रियाओं के साथ, अपूर्णभूत को छोड़ शेष सभी भूतकालों में ‘ने’ का प्रयोग होता है । जैसे मैंने उसे पढ़ाया। उसने एक रुपया दिलवाया ।

‘ने’ का प्रयोग कहाँ नहीं होता –

1. सकर्मक क्रियाओं के कर्त्ता के साथ भविष्यत् काल में ‘ने’ का प्रयोग बिल्कुल नहीं होता ।

2. बकना, बोलना, भूलना – ये क्रियाएँ यद्यपि सकर्मक हैं, तथापि अपवादस्वरूप सामान्य, आसन्न, पूर्ण और सन्दिग्ध भूतकालों में कर्त्ता के ‘ने’ चिह्न का व्यवहार नहीं होता । यथा – वह बका; मैं बोला; वह भूला; मैं भूला ! हाँ, ‘बोलना’ क्रिया में कहीं-कहीं ‘ने’ आता है। जैसे उसने बोलियाँ बोलीं । वह बोलियाँ बोला’ – ऐसा भी लिखा या कहा जा सकता है ।

3. यदि संयुक्त क्रिया का अन्तिम खण्ड अकर्मक हो, तो उसमें ‘ने’ का प्रयोग नहीं होता । जैसे – मैं खा चुका होऊँगा । वह पुस्तक ले आया ।

4. जिन वाक्यों में लगना, जाना, सकना तथा चुकना सहायक क्रियाएँ आती हैं, उनमें ‘ने’ का प्रयोग नहीं होता। जैसे – वह खा चुका । मैं पानी पीने लगा ।

* कारक के भेदों का नाम चिह्नों सहित लिखें ।

1.’को, के लिए’किस कारक का विभक्ति चिह्न है ?

(A) कर्त्ता

(B) अधिकरण

(C) सम्प्रदान

(D) करण

Answer ⇒ (C) सम्प्रदान

 

2. ‘छत से उतरी हुई लता’ किस कारक का उदाहरण है ?

(A) अपादान कारक

(B) संबंध कारक

(C) सम्प्रदान कारक

(D) कर्म कारक

Answer ⇒ (A) अपादान कारक

 

3. ‘घर से लौटा हुआ लड़का’ – किस कारक का उदाहरण है ?

(A) सम्प्रदान कारक

(B) अपादान कारक

(C) सम्बन्ध कारक

(D) अधिकरण कारक

Answer ⇒ (B) अपादान कारक

 

4. ‘लोगों ने चोर को मारा’ किस कारक का उदाहरण है ?

(A) कर्त्ताकारक

(B) संबंधकारक

(C) अपादान कारक

(D) सम्प्रदानकारक

Answer ⇒ (A) कर्त्ताकारक

 

5. ‘शिकारी ने बाघ मारा’ – किस कारक का उदाहरण है ?

(A) करण कारक

(B) सम्बन्ध कारक

(C) कर्म कारक

(D) कर्म कारक

Answer ⇒ (D) कर्म कारक

 

6. ‘लोगों ने चोर को मारा’ – किस कारक का उदाहरण है ?

(A) करण कारक

(B) सम्प्रदान कारक

(C) कर्म कारक

(D) अपादान कारक

Answer ⇒ (C) कर्म कारक 

 

7. ‘सनेह को मारग’ में रेखांकित शब्द कौन कारक है ?

(A) कर्त्ता

(B) कर्म

(C) करण

(D) सम्बन्ध

Answer ⇒ (D) सम्बन्ध

 

8. ‘वह छत से गिर पड़ा यह किस कारक का उदाहरण है ?

(A) अपादान कारक

(B) कर्त्ता कारक

(C) कर्म कारक

(D) अधिकरण कारक

Answer ⇒ (A) अपादान कारक

 

9. टेबुल पर किताब है । यहाँ ‘पर’ किस कारक का चिह्न है ?

(A) करण

(B) अपादान

(C) सम्प्रदान

(D) अधिकरण

Answer ⇒ (D) अधिकरण  

 

10. ‘मछली पानी में रहती है’ इस वाक्य में ‘में’ किस कारक की है ?

(A) कर्त्ता

(B) कर्म

(C) करण

(D) अधिकरण

Answer ⇒ (D) अधिकरण

 

11. नानी ने कहानी सुनाई । इस वाक्य में ‘ने’ किस कारक की विभक्ति है ?

(A) कर्ता

(B) संबोधन

(C) सम्प्रदान

(D) अधिकरण

Answer ⇒ (A) कर्ता

 

12. ‘राम की गाय अच्छी है ।’ इसमें किस कारक का चिह्न लगा है ?

(A) कर्त्ता

(B) सम्बन्ध

(C) सम्प्रदान

(D) अपादान

Answer ⇒ (B) सम्बन्ध

 

13. ‘बच्ची के लिए कपड़े खरीदना है ।’ इसमें कौन-सा कारक है ?

(A) कर्म

(B) सम्बोधन

(C) सम्प्रदान

(D) संबंध

Answer ⇒ (C) सम्प्रदान 

 

14. ‘लड़का पेड़ से गिर पड़ा ।’ इसमें किस कारक की विभक्ति लगी हैं ?

(A) करण

(B) सम्प्रदान

(C) कर्त्ता

(D) अपादान

Answer ⇒ (D) अपादान

 

15. ‘अमृता कलम से लिखती है ।’ इस वाक्य में ‘कलम से’ में कौन-सा कारक है ?

(A) संप्रदान

(B) करण

(C) अपादान

(D) कर्म

Answer ⇒ (B) करण

 

16. भूखे को भोजन दो । इस वाक्य में ‘को’ किस कारक की विभक्ति है ?

(A) कर्ता

(B) कर्म

(C) सम्प्रदान

(D) करण

Answer ⇒ (C) सम्प्रदान

 

17. पेड़ से पत्ता गिरता है । इस वाक्य में ‘से’ किस कारक की विभक्ति है ?

(A) कर्ता

(B) कर्म

(C) सम्प्रदान

(D) अपादान

Answer ⇒ (D) अपादान

 

18. ‘मित्र ! मुझे माफ करो ।’ इस वाक्य में ‘मित्र !’ में कौन-सा कारक है ?

(A) संबंध

(B) संबोधन

(C) सम्प्रदान

(D) अधिकरण

Answer ⇒ (B) संबोधन

 

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